राजस्थान में 43 हजार लीटर से ज्यादा मिलावटी घी जब्त, लैब रिपोर्ट ने खोली पोल

राजस्थान में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने मिलावट विरोधी अभियान के तहत 43,000 लीटर से ज्यादा मिलावटी घी जब्त किया है. भोग विनायक समेत तीन ब्रांड के घी टेस्टिंग के दौरान घटिया पाए गए.

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Km Jaya

जयपुर: राजस्थान में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत, राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग ने 'शुद्ध आहार - मिलावट पर वार' पहल के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई करते हुए मिलावटी घी के संदेह में 43,000 लीटर से अधिक घी जब्त किया.

राजस्थान खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने गुरुवार को बताया कि जयपुर के माचेरा स्थित श्याम विहार कॉलोनी में स्थित मेसर्स गिरिधर मिल्क फूड प्रोडक्ट्स 'भोग विनायक' ब्रांड नाम से घी का उत्पादन करती है. प्रतापगढ़ जिले से एकत्र किए गए भोग विनायक ब्रांड के घी के नमूनों की प्रयोगशाला जांच में मिलावट पाई गई. 

'चेकिंग के दौरान क्या मिला?

इसके बाद, राजस्थान के अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह और नामित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रवि शेखावत के निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम ने फर्म का निरीक्षण किया.

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि फर्म अपने खाद्य लाइसेंस और आधिकारिक अभिलेखों में उल्लिखित पते से नहीं, बल्कि किसी अन्य अज्ञात स्थान से अपना संचालन कर रही थी, जो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है. अधिकारियों ने यह भी पाया कि श्री श्याम मिल्क फूड प्रोडक्ट नामक एक अन्य फर्म भी उसी परिसर से संचालित हो रही थी.

क्या-क्या हुआ जब्त?

दोनों फर्मों के तीन गोदामों से घी का भारी भंडार जब्त किया गया, जिसमें भोग विनायक ब्रांड का 9,065 लीटर घी (विभिन्न पैकिंग आकार), हरियाणा क्रीम ब्रांड का 17,741 लीटर घी और नक्ष डेयरी ब्रांड का 16,617 लीटर घी शामिल था. सभी ब्रांडों के नमूने एकत्र करने के बाद, कुल 43,421 लीटर घी मौके पर ही जब्त कर लिया गया.

अतिरिक्त आयुक्त ने क्या बताया?

प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्टों के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी. अतिरिक्त आयुक्त ने बताया कि इससे पहले जयपुर केंद्रीय प्रयोगशाला ने भोग विनायक ब्रांड के घी के एक नमूने को असुरक्षित घोषित किया था.

इस रिपोर्ट के बाद, पूरे राज्य में प्रोडक्ट को तुरंत मार्केट से हटाने के निर्देश जारी किए गए. गंभीर गड़बड़ियों को देखते हुए, फर्म का फूड लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.