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रांची में इस बार सरहुल और रामनवमी पर बिजली नहीं कटेगी, सुरक्षा के सख्त नियम जारी

रांची में 21 मार्च को सरहुल शोभायात्रा और 26 मार्च को रामनवमी के दौरान बिजली आपूर्ति पूरी तरह निर्बाध रहेगी. कोर्ट के आदेश के बाद झारखंड बिजली वितरण निगम ने पावर कट रोकने का फैसला किया है.

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Reepu Kumari

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में आदिवासी संस्कृति का प्रमुख पर्व सरहुल और हिंदू भक्तों का रामनवमी इस साल बिना बिजली कटौती के मनाया जाएगा. पहले त्योहारों के दौरान सुरक्षा के नाम पर घंटों लाइट बंद कर दी जाती थी, लेकिन अब उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रांची विद्युत आपूर्ति अंचल ने साफ कर दिया है कि 21 और 26 मार्च को कोई पावर कट नहीं होगा. अधीक्षण अभियंता डीएन साहू ने सभी आयोजकों, पूजा समितियों और आम लोगों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है.

सुरक्षा के लिए जारी की गई मुख्य गाइडलाइन

अधिकारी ने बताया कि हाईकोर्ट के 3 अप्रैल 2025 और सुप्रीम कोर्ट के 16 अप्रैल 2025 के फैसले के आधार पर बिजली बंद नहीं की जाएगी. लेकिन दुर्घटना रोकने के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं. शोभायात्रा में झंडे, झांकियां और वाहनों पर लगे साउंड सिस्टम-डीजे की ऊंचाई सिर्फ 4 मीटर तक सीमित रहेगी. इससे ओवरहेड तारों से टकराव का खतरा कम होगा.

झंडे लगाने और वाहनों के इस्तेमाल में सावधानी

झंडा या कोई भी संरचना खड़ी करते वक्त बिजली के तारों और उपकरणों का पूरा ध्यान रखना होगा. बड़े वाहनों की छत पर कोई व्यक्ति न बैठे और न ही ऊंचा झंडा लगाया जाए. शोभायात्रा में बड़े या बहुत ऊंचे वाहनों का इस्तेमाल पूरी तरह मना है. इससे जुड़े हादसों को रोकने के लिए ये नियम बहुत अहम हैं.

वॉलेंटियर्स की भूमिका और जनता से अपील

आयोजन समितियों को अपने वॉलेंटियर्स से मार्ग पर विशेष नजर रखने को कहा गया है. श्रद्धालु या आम लोग बिजली के तारों को हाथ न लगाएं, डंडे या किसी चीज से छूने की कोशिश न करें. अगर कोई समस्या हो तो जारी किए गए विद्युत कार्यपालक अभियंताओं के मोबाइल नंबर पर तुरंत संपर्क करें. एसओपी का पालन अनिवार्य है.

सरहुल की तैयारियां और अन्य मांगें

केंद्रीय सरना समिति की बैठक में तय हुआ कि 20 मार्च को उपवास और केकड़ा पकड़ने की विधि होगी, रात में जल रखाई होगी. 21 मार्च को पूजा, भविष्यवाणी और शोभायात्रा निकलेगी, जबकि 22 मार्च को फूल खोशी होगी. कुछ नेताओं ने सरहुल के दिन पूरे राज्य में शराबबंदी और तीन दिन का राजकीय अवकाश की मांग भी की है.