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‘नशा खत्म करने के लिए जान भी देनी पड़े तो देंगे’, ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ यात्रा में बोले अरविंद केजरीवाल

केजरीवाल ने बताया कि ‘आप’ सरकार ने नशे के गढ़ों को नशामुक्त क्षेत्रों में बदल दिया है. उन्होंने आगे कहा कि हम पंजाब से नशा खत्म करके रहेंगे, चाहे इसके लिए मुझे अपनी जान ही क्यों न गंवानी पड़े.

Sagar Bhardwaj

पंजाब को नशे से मुक्त करने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नवांशहर के लंगड़ोआ से ‘युद्ध नशयां विरुद्ध’ यात्रा की शुरुआत की. इस जन आंदोलन का लक्ष्य हर गाँव में जाकर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना है. केजरीवाल ने कहा, “हम पंजाब से नशा खत्म करके रहेंगे, चाहे इसके लिए मुझे अपनी जान ही क्यों न गंवानी पड़े.”

‘उड़ता पंजाब’ से ‘बदलता पंजाब’
केजरीवाल ने बताया कि ‘आप’ सरकार ने नशे के गढ़ों को नशामुक्त क्षेत्रों में बदल दिया है. उन्होंने कहा, “यहां आने से पहले मैंने सोचा था कि लोग कहेंगे नशा थोड़ा कम हुआ है, लेकिन लोगों ने बताया कि हमारा गांव पूरी तरह नशामुक्त हो गया है.” स्थानीय सरपंच ने बताया कि 99% नशा खत्म हो चुका है, अब केवल बीज बाकी है, जिसे भी जड़ से उखाड़ा जाएगा.

पिछली सरकारों पर निशाना
केजरीवाल ने पूर्व सरकारों पर आरोप लगाया कि उनके मंत्रियों ने नशा तस्करी को बढ़ावा दिया. “पिछली सरकार के मंत्री अपनी गाड़ियों में नशा बांटते थे. वे नशा तस्करों के साथी नहीं, बल्कि खुद तस्कर थे.” इसके विपरीत, ‘आप’ सरकार ने ढाई महीने में 10,000 तस्करों को पकड़ा, जिनमें 8,500 बड़े तस्कर हैं. हाल ही में तरनतारन में 85 किलो हेरोइन भी जब्त की गई.

जनता से अपील
केजरीवाल ने लोगों से नशा तस्करों की जमानत न कराने और नशा पीड़ितों को नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती कराने की अपील की. उन्होंने बताया कि नशामुक्ति केंद्रों को वातानुकूलित और सीसीटीवी से लैस किया गया है. अगले डेढ़ महीने में ‘आप’ के नेता 13,000 गाँवों में जाकर जागरूकता फैलाएँगे.

भगवंत मान का संकल्प
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “पंजाबियों ने नशा खत्म करने का दृढ़ संकल्प ले लिया है, हम इसे खत्म करके रहेंगे.” उन्होंने महिलाओं की भागीदारी की सराहना की और कहा कि उनकी सक्रियता से पंजाब जल्द नशामुक्त होगा.