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विश्व फैटी लिवर दिवस: बच्चों और युवाओं में तेजी से बढ़ रही बीमारी, पंजाब सरकार दे रही 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा

विश्व फैटी लिवर दिवस पर पंजाब सरकार ने लोगों को फैटी लिवर बीमारी के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है. मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रति परिवार 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
विश्व फैटी लिवर दिवस: बच्चों और युवाओं में तेजी से बढ़ रही बीमारी, पंजाब सरकार दे रही 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा
Courtesy: Pinterest

चंडीगढ़: विश्व फैटी लिवर दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने लोगों को फैटी लिवर जैसी गंभीर लेकिन अक्सर अनदेखी रहने वाली बीमारी के प्रति जागरूक रहने की अपील की है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि फैटी लिवर आज एक 'साइलेंट महामारी' के रूप में उभर रही है क्योंकि इसके शुरुआती चरण में मरीजों को आमतौर पर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते. इसी कारण बड़ी संख्या में लोग समय रहते इसकी पहचान नहीं कर पाते और बाद में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करते हैं.

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यदि फैटी लिवर का समय पर पता नहीं लगाया जाए और उचित इलाज न किया जाए तो यह बीमारी लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस, सिरोसिस और यहां तक कि लिवर फेल होने जैसी गंभीर स्थितियों का कारण बन सकती है. उन्होंने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की.

मुख्यमंत्री सेहत योजना का कैसे मिल रहा लोगों का लाभ?

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के माध्यम से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है. इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है. योजना में 2300 से अधिक उपचार प्रक्रियाएं और विभिन्न बीमारियों के पैकेज शामिल किए गए हैं. इसके जरिए मरीज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में बिना आर्थिक बोझ के इलाज करा सकते हैं.

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच महीनों के दौरान मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत लिवर से जुड़ी 302 बीमारियों का इलाज किया गया है. इनमें तीव्र वायरल हेपेटाइटिस, क्रॉनिक हेपेटाइटिस और लिवर एब्सेस जैसे गंभीर मामले भी शामिल रहे हैं. यह आंकड़ा बताता है कि राज्य में लिवर संबंधी बीमारियों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है.

क्या है इस बीमारी का प्रमुख कारण?

पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेज (पीआईएलबीएस) के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि फैटी लिवर की समस्या अब केवल वयस्कों तक सीमित नहीं है बल्कि युवा वर्ग और बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि खराब खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, मधुमेह, मोटापा और शराब का सेवन इस बीमारी के प्रमुख कारण हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और जीवनशैली में सुधार के जरिए फैटी लिवर की समस्या को काफी हद तक रोका और नियंत्रित किया जा सकता है. डॉक्टरों ने मोटापा, मधुमेह, मेटाबॉलिक सिंड्रोम या लिवर रोग के पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को नियमित लिवर फंक्शन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और फाइब्रोस्कैन कराने की सलाह दी है. संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और शराब से दूरी को इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय बताया गया है.