चंडीगढ़: स्वच्छता के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण पेश करने वाले 88 वर्षीय सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू को मंगलवार को देश के प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया.
सिद्धू को 'झाड़ू योद्धा' के नाम से भी जाना जाता है. इंदरजीत सिंह सिद्धू चंडीगढ़ के सेक्टर-49 में रहते हैं. वे रोजाना अपने आस-पास की सड़कों और गलियों को खुद साफ करते हैं. उम्र के इस पड़ाव में भी वे हाथ में झाड़ू और छड़ी लेकर सफाई का काम जारी रखे हुए हैं. कुछ दिन पहले एक गाड़ी की टक्कर से उनके पैर में चोट लग गई थी, जिसके कारण वे चलने में दिक्कत महसूस करते हैं. इसके बावजूद वे सफाई से पीछे नहीं हटे.
सिद्धू 1963 में पंजाब पुलिस में निरीक्षक के पद पर भर्ती हुए थे. बाद में वे आईपीएस अधिकारी बने और डीआईजी पद से सेवानिवृत्त हुए. रिटायरमेंट के बाद उन्होंने सामाजिक सेवा को अपना मिशन बना लिया. वे कहते हैं कि साफ-सफाई हर नागरिक की जिम्मेदारी है. अगर हर व्यक्ति अपने आस-पास का कचरा उठाने लगे तो देश स्वच्छ हो सकता है.
सिद्धू ने खुद इस पुरस्कार के लिए कोई आवेदन नहीं किया था. उनकी सड़क पर सफाई करते हुए कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुईं. इन वीडियो को देखकर चंडीगढ़ यूटी प्रशासन ने केंद्र सरकार को उनके नाम की सिफारिश भेजी. इसी वजह से उन्हें पद्म श्री पुरस्कार मिला. इससे पहले उन्हें यूटी प्रशासन की ओर से स्टेट अवॉर्ड भी मिल चुका है.
पुरस्कार समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे. सम्मान मिलने के बाद सिद्धू पूरे परिवार के साथ बेहद खुश नजर आए. परिवार ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई.