menu-icon
India Daily

2.14 करोड़ मतदाताओं की होगी जांच, पंजाब में कल से शुरू होगा SIR

पंजाब में 25 जून से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत होगी.  24,453 बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे.  अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर को जारी होगी, जबकि 86 प्रतिशत से अधिक मैपिंग पहले ही पूरी हो चुकी है. 

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
2.14 करोड़ मतदाताओं की होगी जांच, पंजाब में कल से शुरू होगा SIR
Courtesy: Representational image

पंजाब में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेटेड बनाने की दिशा में चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है. 25 जून से शुरू होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत हजारों बूथ लेवल अधिकारी राज्यभर में घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं की सही जानकारी दर्ज करना, त्रुटियों को दूर करना और आगामी चुनावों के लिए पारदर्शी एवं विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार करना है. अभियान एक महीने तक चलेगा और इसके बाद नई सूची प्रकाशित की जाएगी. 

घर-घर पहुंचेगा चुनावी तंत्र

पंजाब में मतदाता सूची के व्यापक सत्यापन के लिए 24,453 बूथ लेवल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. ये अधिकारी 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे. इस दौरान गणना प्रपत्र वितरित किए जाएंगे, उनकी जांच होगी और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर जानकारी को अपडेट किया जाएगा. चुनाव अधिकारियों के अनुसार राज्य के 2 करोड़ 14 लाख से अधिक मतदाताओं का रिकॉर्ड इस अभियान के तहत परखा जाएगा. इसके साथ ही मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का कार्य भी समानांतर रूप से पूरा किया जाएगा ताकि भविष्य में मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम और व्यवस्थित बन सके. 

अगस्त से शुरू होगी दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया

सत्यापन अभियान समाप्त होने के बाद 3 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद नागरिकों को अपने नाम जोड़ने, हटाने या किसी प्रकार का संशोधन करवाने का अवसर मिलेगा. दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 2 सितंबर निर्धारित की गई है. चुनाव विभाग इन सभी मामलों की जांच कर 28 सितंबर तक उनका निपटारा करेगा. इसके बाद संशोधित और अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर को जारी कर दी जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से सूची में मौजूद त्रुटियों को कम करने और वास्तविक मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. 

86 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की मैपिंग पूरी

चुनाव विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार राज्य में अब तक 86.02 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है.  जिन लोगों का विवरण अभी तक पूरी तरह दर्ज नहीं हो पाया है, उनकी सूची राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई गई है.  अधिकारियों का कहना है कि सभी दलों के सहयोग से शेष मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा. नई प्रणाली के तहत यह भी दर्ज किया जाएगा कि किसी मतदाता की पहचान स्वयं के दस्तावेजों के आधार पर हुई है या परिवार के अन्य सदस्यों के रिकॉर्ड के आधार पर. इससे आंकड़ों की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है. 

बंद घरों पर छोड़ेंगे सूचना, दलों ने जताया सहयोग

यदि किसी घर पर संबंधित व्यक्ति नहीं मिलता या मकान बंद होता है तो बूथ लेवल अधिकारी वहां आवश्यक फॉर्म छोड़ेंगे और एक विशेष स्टीकर लगाएंगे. इस स्टीकर पर अधिकारी के दौरे की जानकारी और अगली संभावित यात्रा की तारीख दर्ज होगी, ताकि मतदाता बाद में अपनी जानकारी उपलब्ध करा सके. अभियान को लेकर आयोजित बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया और प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग का भरोसा दिया. चुनाव आयोग का मानना है कि यह अभियान राज्य की मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के साथ-साथ पात्र नागरिकों के मताधिकार को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.