पंजाब में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेटेड बनाने की दिशा में चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है. 25 जून से शुरू होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत हजारों बूथ लेवल अधिकारी राज्यभर में घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं की सही जानकारी दर्ज करना, त्रुटियों को दूर करना और आगामी चुनावों के लिए पारदर्शी एवं विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार करना है. अभियान एक महीने तक चलेगा और इसके बाद नई सूची प्रकाशित की जाएगी.
पंजाब में मतदाता सूची के व्यापक सत्यापन के लिए 24,453 बूथ लेवल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. ये अधिकारी 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे. इस दौरान गणना प्रपत्र वितरित किए जाएंगे, उनकी जांच होगी और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर जानकारी को अपडेट किया जाएगा. चुनाव अधिकारियों के अनुसार राज्य के 2 करोड़ 14 लाख से अधिक मतदाताओं का रिकॉर्ड इस अभियान के तहत परखा जाएगा. इसके साथ ही मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का कार्य भी समानांतर रूप से पूरा किया जाएगा ताकि भविष्य में मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम और व्यवस्थित बन सके.
#WATCH | Chandigarh, Punjab: On the Special Intensive Revision (SIR) in the state, Chief Electoral Officer of Punjab, Anindita Mitra, says, “The Special Intensive Revision has started in the state of Punjab. Its first phase is House-to-House Enumeration, which will start… pic.twitter.com/YD3CaQnxX3
— ANI (@ANI) June 24, 2026
सत्यापन अभियान समाप्त होने के बाद 3 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद नागरिकों को अपने नाम जोड़ने, हटाने या किसी प्रकार का संशोधन करवाने का अवसर मिलेगा. दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 2 सितंबर निर्धारित की गई है. चुनाव विभाग इन सभी मामलों की जांच कर 28 सितंबर तक उनका निपटारा करेगा. इसके बाद संशोधित और अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर को जारी कर दी जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से सूची में मौजूद त्रुटियों को कम करने और वास्तविक मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
चुनाव विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार राज्य में अब तक 86.02 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है. जिन लोगों का विवरण अभी तक पूरी तरह दर्ज नहीं हो पाया है, उनकी सूची राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई गई है. अधिकारियों का कहना है कि सभी दलों के सहयोग से शेष मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा. नई प्रणाली के तहत यह भी दर्ज किया जाएगा कि किसी मतदाता की पहचान स्वयं के दस्तावेजों के आधार पर हुई है या परिवार के अन्य सदस्यों के रिकॉर्ड के आधार पर. इससे आंकड़ों की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है.
यदि किसी घर पर संबंधित व्यक्ति नहीं मिलता या मकान बंद होता है तो बूथ लेवल अधिकारी वहां आवश्यक फॉर्म छोड़ेंगे और एक विशेष स्टीकर लगाएंगे. इस स्टीकर पर अधिकारी के दौरे की जानकारी और अगली संभावित यात्रा की तारीख दर्ज होगी, ताकि मतदाता बाद में अपनी जानकारी उपलब्ध करा सके. अभियान को लेकर आयोजित बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया और प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग का भरोसा दिया. चुनाव आयोग का मानना है कि यह अभियान राज्य की मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के साथ-साथ पात्र नागरिकों के मताधिकार को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.