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सुखना लेक में तेजी से बढ़ा जलस्तर, भारी बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट; बाढ़ से बचाव की तैयारियां तेज

शिवालिक की पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश से चंडीगढ़ की सुखना लेक का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिन तक भारी वर्षा की संभावना जताई है. संभावित खतरे को देखते हुए चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और बाढ़ से बचाव के लिए विशेष इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

ANI
Shanu Sharma

चंडीगढ़ की पहचान मानी जाने वाली सुखना लेक एक बार फिर पानी से लबालब होने की ओर बढ़ रही है. कुछ समय पहले तक जहां लेक के कई हिस्सों में सूखे की दरारें दिखाई दे रही थीं, वहीं अब शिवालिक की पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश के कारण लेक में तेजी से पानी पहुंच रहा है. 

कैचमेंट एरिया से बहकर आने वाले वर्षा जल के चलते लेक का जलस्तर बढ़कर 1158.5 फीट तक पहुंच गया है. मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताया है, जिससे जलस्तर में और तेजी से वृद्धि होने की संभावना है.

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, कई इलाकों में जारी अलर्ट

संभावित स्थिति को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. पंचकूला और मोहाली प्रशासन को भी एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं. सुखना चौ और उसके आसपास के आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके. सुखना लेक के रेगुलेटरी एंड पर चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है. इसके साथ ही इंजीनियरिंग विभाग की टीमें भी मौके पर तैनात हैं और जलस्तर पर लगातार नजर रख रही हैं.


खतरे के स्तर से पहले खोले जाएंगे फ्लड गेट

अधिकारियों के अनुसार सुखना लेक के फ्लड गेट 1163 फीट के आसपास खोले जाते हैं, जबकि 1162.5 फीट को खतरे का स्तर माना जाता है. फिलहाल जलस्तर इससे नीचे है, लेकिन भारी बारिश की स्थिति में कुछ ही घंटों में पानी कई फीट तक बढ़ सकता है. इसी वजह से प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अंतिम स्तर तक इंतजार करने के बजाय जरूरत पड़ने पर फ्लड गेट चरणबद्ध तरीके से खोले जाएंगे. इससे पानी का बहाव नियंत्रित रहेगा और नीचे के इलाकों पर अचानक दबाव नहीं पड़ेगा.