अमेरिका में जन्मे पंजाबी बच्चों को मिलेगी बर्थ सिटीजनशिप, हर साल 8 हजार को फायदा

पंजाबी समुदाय के लिए यह फैसला बहुत महत्वपूर्ण है. रिपोर्ट के मुताबिक हर साल करीब 8 हजार पंजाबी माता-पिता के बच्चे वहां जन्म लेते हैं. वर्ष 2016 से 2024 तक एशियन मूल के माता-पिता के लगभग 66 हजार बच्चों ने अमेरिका में जन्म लिया. इनमें सबसे ज्यादा संख्या पंजाबी बच्चों की बताई जा रही है.

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Antima Pal

अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को पलट दिया है. कोर्ट ने जन्मजात नागरिकता को फिर से बहाल कर दिया है. इस फैसले से अवैध रूप से या अस्थायी वीजा पर रह रहे पंजाबी परिवारों को बड़ी राहत मिली है. अब अमेरिका में जन्म लेने वाले उनके बच्चों को स्वतः अमेरिकी नागरिकता मिल सकेगी.

अमेरिका में जन्मे पंजाबी बच्चों को मिलेगी बर्थ सिटीजनशिप

पंजाबी समुदाय के लिए यह फैसला बहुत महत्वपूर्ण है. रिपोर्ट के मुताबिक हर साल करीब 8 हजार पंजाबी माता-पिता के बच्चे वहां जन्म लेते हैं. वर्ष 2016 से 2024 तक एशियन मूल के माता-पिता के लगभग 66 हजार बच्चों ने अमेरिका में जन्म लिया. इनमें सबसे ज्यादा संख्या पंजाबी बच्चों की बताई जा रही है.

वर्तमान में अमेरिका में शरणार्थी वीजा पर या बिना कागजात के करीब 7 लाख भारतीय रह रहे हैं. न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया और अन्य राज्यों में पंजाबी परिवारों की अच्छी संख्या है. पहले ट्रंप सरकार के फैसले के कारण ऐसे माता-पिता जिनके बच्चे अमेरिका में पैदा हुए थे, उन्हें स्थायी वीजा या अन्य सुविधाएं मिलने में दिक्कत हो रही थी. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने अब उस अड़चन को दूर कर दिया है.


समुदाय में खुशी की लहरइस फैसले की खबर मिलते ही अमेरिका में बसे पंजाबी परिवारों में खुशी छा गई. कई परिवार ऐसे हैं जिनके बच्चे अमेरिकी अस्पतालों में पैदा हुए लेकिन पुराने फैसले के चलते उनकी नागरिकता पर सवाल उठ रहे थे. पंजाबी संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने इसे संवैधानिक जीत बताया.

पंजाब से अमेरिका जाने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. इस फैसले से उनकी अगली पीढ़ी को कानूनी सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है. समुदाय के लोग कह रहे हैं कि अब बच्चे आसानी से स्कूल में दाखिला ले सकेंगे, सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेंगे और भविष्य में कई अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे.

150 साल पुराना कानून वापस

जन्मजात नागरिकता का यह कानून करीब 150 साल पुराना है. इसके तहत अमेरिका की जमीन पर जन्म लेने वाला हर बच्चा अमेरिकी नागरिक माना जाता है, चाहे उसके माता-पिता की स्थिति कुछ भी हो. ट्रंप सरकार ने इसे बदलने की कोशिश की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने संविधान की मूल भावना को बनाए रखते हुए पुराने कानून को बहाल कर दिया.