पंजाब में लॉरेंस बिश्नोई-रोहित गोदारा गैंग के 2 शूटर धरे, स्कैन सेंटर पर 12 राउंड फायरिंग कर मांगी थी रंगदारी

रूपनगर पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई-रोहित गोदारा गैंग से जुड़े दो शूटरों को गिरफ्तार किया है. दोनों पर स्कैन सेंटर पर फायरिंग और रंगदारी के लिए धमकी देने का आरोप है.

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Ashutosh Rai

पंजाब के रूपनगर जिले में पुलिस को गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है. नूरपुर बेदी स्थित एक स्कैन सेंटर पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों आरोपी लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग से जुड़े हुए थे. इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की है.

फायरिंग की वारदात से मचा था हड़कंप

नूरपुर बेदी क्षेत्र में स्थित श्री गणेश स्कैन सेंटर पर 30 और 31 मई की दरमियानी रात को अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी. पुलिस के मुताबिक सेंटर पिछले करीब ढाई महीने से बंद पड़ा था लेकिन इसके बावजूद हमलावरों ने शटर को निशाना बनाते हुए करीब 12 राउंड फायरिंग की. घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी. फायरिंग के तुरंत बाद स्कैन सेंटर संचालक संदीप कुमार को कथित तौर पर गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम से रंगदारी की धमकी भी दी गई थी.

तकनीकी इनपुट से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

एसएसपी मनिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस टीमों ने तकनीकी निगरानी और मानवीय सूचना तंत्र का इस्तेमाल करते हुए आरोपियों की पहचान की. लंबे समय तक निगरानी रखने के बाद सीआईए स्टाफ ने जाल बिछाकर दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया. जांच में सामने आया कि आरोपी विदेश में बैठे गैंग ऑपरेटरों और रोहित गोदारा सिंडिकेट के संपर्क में थे. पुलिस का मानना है कि उन्हें विशेष निर्देश देकर इस वारदात को अंजाम दिलाया गया था.


गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

आरोपियों की पहचान करण अरोड़ा उर्फ लड्डू और विक्की कुमार रवानी उर्फ भुवन के रूप में हुई है. करण अरोड़ा लुधियाना का रहने वाला है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट तथा आर्म्स एक्ट के तहत सात मामले पहले से दर्ज हैं. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह भगोड़ा भी घोषित किया जा चुका था. वहीं बिहार निवासी विक्की कुमार रवानी लुधियाना में मजदूरी करता था. पैसों के लालच में इस गैंग से जुड़ गया. दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनके पुराने नेटवर्क की भी जांच कर रही है.

विदेशी हैंडलरों की भूमिका की जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार विदेश में बैठे गैंग संचालक नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को अपने जाल में फंसाते हैं. उन्हें छोटे-छोटे आर्थिक लालच देकर गंभीर अपराधों में शामिल किया जाता है. एसएसपी ने बताया कि कई मामलों में आरोपियों के खातों में 10 से 20 हजार रुपये तक भेजे जाते हैं. बदले में उनसे जान जोखिम में डालकर वारदात करवाई जाती है. कोर्ट ने दोनों आरोपियों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. नेटवर्क के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन की जानकारी जुटाई जा सके.