Punjab Drone Smuggling: पंजाब में ड्रोन तस्करी पर कसा शिकंजा, मान सरकार की एंटी-ड्रोन रणनीति बनी मिसाल
Punjab Drone Smuggling: मान सरकार की एंटी-ड्रोन रणनीति और स्थानीय सहयोग से पंजाब में पाकिस्तान समर्थित ड्रोन तस्करी को बड़ा झटका लगा है. 2022 से अब तक 591 ड्रोन जब्त और 22,000 से अधिक तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं. यह मॉडल अब पूरे देश के लिए उदाहरण बन रहा है.
Punjab Drone Smuggling: पंजाब में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए नशा और हथियारों की तस्करी पर अब लगभग ब्रेक लग चुका है. मान सरकार के नेतृत्व में पंजाब पुलिस ने नशा विरोधी अभियान को जमीनी स्तर पर इतनी मजबूती से लागू किया है, जिसकी वजह से अब सीमापार से आने वाले ड्रोन की संख्या में तेजी से गिरावट आई है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2019 से लेकर 2021 तक राज्य में कुल 10 ड्रोन पकड़े गए थे, जबकि 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद इसमें जबरदस्त उछाल आया. साल 2022 में 28 ड्रोन वहीं 121 ड्रोन 2023 में और 2024 में रिकॉर्ड 294 और 2025 में अब तक लगभग 15 जुलाई तक 138 ड्रोन बरामद किए गए. कुल मिलाकर पिछले साढ़े तीन वर्षों में 591 ड्रोन जब्त किए गए हैं.
नशा तस्करों की गिरफ्तारी
इस अवधि में 22,000 से अधिक नशा तस्करों की गिरफ्तारी भी बताती है कि सरकार ने इस युद्ध को सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं रखा. ड्रोन तस्करी के जरिए जो खेपें बरामद हुईं, उनमें 932 किलो हेरोइन, 263 पिस्तौल, 14 AK-47 राइफलें, 66 हैंड ग्रेनेड और लगभग 15 किलो RDX शामिल हैं.
राज्य सरकार के एंटी-ड्रोन सिस्टम
इस अभूतपूर्व कार्रवाई का श्रेय राज्य सरकार के एंटी-ड्रोन सिस्टम को जाता है. पंजाब सरकार ने स्थानीय लोगों, रिटायर्ड सैनिकों और पुलिसकर्मियों को जोड़कर 596 सीमावर्ती गांवों में निगरानी नेटवर्क तैयार किया है, जो 24x7 सतर्क रहता है. प्रत्येक गांव को श्रेणियों में बांटकर संदिग्धों की सूची, रोड नेटवर्क और सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार डिजिटल डेटा तैयार किया गया है.
हर गतिविधि का रिकॉर्ड
पुलिस अधिकारी बीट बुक से हर गतिविधि का रिकॉर्ड रख रहे हैं और सभी निगरानी टीमें व्हाट्सएप पर एक-दूसरे से जुड़ी हैं. इसके अलावा, 51 करोड़ की लागत से 9 अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम भी खरीदे जा रहे हैं.
सुरक्षा मॉडल की चर्चा
अब गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फाजिल्का जैसे जिले में सुरक्षा व्यवस्था के आदर्श बन चुके हैं. पहले जहां ड्रोन तस्करी की खबरें आम थीं, अब वहां सुरक्षा मॉडल की चर्चा हो रही है. पंजाब ने यह साफ कर दिया है कि नशा, ड्रोन, आतंक या तस्करी किसी से भी कोई समझौता नहीं होगा.
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