Sawan 2026

पंजाब में लेड युक्त पेंट पर कड़ी नजर, कंपनियों को अब जांच प्रमाणपत्र देना होगा जरूरी

पंजाब में घरेलू और सजावटी पेंट को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाल ही में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

Pinterest
Antima Pal

चंडीगढ़: पंजाब में घरेलू और सजावटी पेंट को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाल ही में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इनके मुताबिक अब पेंट बनाने वाली कंपनियों को अपने उत्पादों में लेड यानी सीसे की मात्रा 90 पार्ट्स प्रति मिलियन से ज्यादा नहीं रखने की सख्त शर्त का पालन करना होगा.

पंजाब में लेड युक्त पेंट पर कड़ी नजर

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पेंट निर्माताओं को मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से जांच प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा. इस प्रमाणपत्र की प्रति डीलरों और विक्रेताओं को भी उपलब्ध करानी होगी. साथ ही क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि पेंट उद्योगों को सहमति देते समय लेड संबंधी शर्तों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए.

कंपनियों को अब जांच प्रमाणपत्र देना होगा जरूरी

ये दिशा-निर्देश केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वर्ष 2016 के नियमों के अनुरूप हैं. उन नियमों में 90 पीपीएम से अधिक लेड वाले घरेलू और सजावटी पेंट के निर्माण, बिक्री, आयात और निर्यात पर रोक लगाई गई है. पंजाब सरकार अब इन नियमों को राज्य स्तर पर सख्ती से लागू कर रही है.


पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने इस फैसले के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि लेड बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. इससे मस्तिष्क के विकास पर बुरा असर पड़ता है. सीखने की क्षमता कमजोर हो सकती है और तंत्रिका तंत्र भी प्रभावित हो सकता है. इसलिए सुरक्षित पेंट उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है.

इन निर्देशों का मकसद सिर्फ नियमों का पालन कराना नहीं है. बोर्ड चाहता है कि पेंट उद्योग जिम्मेदारी से काम करे और पूरे पंजाब में लेड-मुक्त पेंट आसानी से उपलब्ध हो. इससे आम लोगों, खासकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी खतरों से बचाया जा सकेगा.

अब पेंट बनाने वाली कंपनियों को अपनी उत्पादन प्रक्रिया में बदलाव करने पड़ सकते हैं. उन्हें नियमित जांच करवानी होगी और दस्तावेज तैयार रखने होंगे. डीलरों और दुकानदारों को भी प्रमाणपत्र मांगने और रखने की जिम्मेदारी दी गई है. इससे बाजार में अवैध या अनुचित पेंट की बिक्री पर अंकुश लगेगा.