12वीं के बाद 4 साल से नौकरी की तलाश, बेरोजगारी से परेशान युवक ने की आत्महत्या
पंजाब के दिडबा क्षेत्र में रोजगार नहीं मिलने से परेशान 26 वर्षीय युवक ने आत्महत्या कर ली. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने पिता के बयान पर कार्रवाई शुरू की है.
चंडीगढ़: पंजाब के संगरूर जिले में रोजगार की तलाश कर रहे एक युवक की मौत का मामला सामने आया है. दिडबा के पास काकू वाला गांव निवासी 26 वर्षीय प्रभजोत सिंह लंबे समय से नौकरी की तलाश में था. पुलिस के अनुसार, रोजगार नहीं मिलने के कारण वह मानसिक तनाव में रहता था. 15 अगस्त को उसने आत्महत्या का प्रयास किया. हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.
दिडबा पुलिस के सहायक थानेदार अमनदीप सिंह ने पोस्टमार्टम के दौरान बताया कि प्रभजोत सिंह ने करीब चार साल पहले 12वीं कक्षा पास की थी. इसके बाद वह लगातार रोजगार की तलाश कर रहा था. परिवार के मुताबिक, कई प्रयासों के बावजूद नौकरी नहीं मिलने से वह परेशान रहने लगा था. पुलिस ने बताया कि इसी परेशानी के बीच 15 अगस्त को उसने अपनी जान देने का कदम उठाया.
हालत बिगड़ी तो अस्पताल ले गए परिजन
प्रभजोत की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उसे तत्काल संगरूर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे. डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे आगे के इलाज के लिए पटियाला रेफर कर दिया. इसके बाद परिवार उसे पटियाला के एक निजी अस्पताल में ले गया. वहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा था, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका.
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इलाज के दौरान युवक की मौत
पटियाला के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान प्रभजोत सिंह ने दम तोड़ दिया. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की कानूनी प्रक्रिया शुरू की. मृतक की पहचान काकू वाला गांव निवासी प्रभजोत सिंह, पुत्र गुरजीवन सिंह के रूप में हुई है. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की बात कही गई है.
पिता के बयान पर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने प्रभजोत सिंह के पिता गुरजीवन सिंह के बयान के आधार पर बीएनएसएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू की है. पुलिस के अनुसार, मामले में फिलहाल परिवार के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है. अधिकारी घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जानकारी जुटा रहे हैं. पोस्टमार्टम और जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बेरोजगारी को लेकर बढ़ती चिंता
प्रभजोत की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. लंबे समय तक रोजगार नहीं मिलने की वजह से उसके परेशान रहने की बात सामने आई है. ऐसी परिस्थितियों में आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. यदि कोई व्यक्ति लगातार निराश या परेशान नजर आए, तो परिवार और करीबी लोगों का साथ उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है. जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मदद लेना भी उपयोगी है.