चंडीगढ़ सुखना झील पर बदला नियम, अब सिर्फ इन 8 जगहों पर ही खिला सकेंगे आवारा कुत्तों को खाना

चंडीगढ़ नगर निगम ने सुखना झील में आवारा जानवरों को खाना खिलाने के लिए आठ निर्धारित स्थान तय किए हैं. अब झील परिसर में कहीं भी जानवरों को खाना खिलाने पर रोक रहेगी, जिससे व्यवस्था बेहतर होगी.

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Ashutosh Rai

सुखना झील में बढ़ती भीड़, साफ-सफाई और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ नगर निगम ने नई व्यवस्था लागू की है. अब आवारा कुत्तों और अन्य सामुदायिक जानवरों को केवल तय स्थानों पर ही खाना खिलाया जा सकेगा. इस फैसले को झील प्रबंधन के लिए अहम कदम माना जा रहा है.

आठ तय स्थानों पर ही होगा भोजन

चंडीगढ़ नगर निगम ने सुखना झील परिसर में सामुदायिक जानवरों को खाना खिलाने के लिए आठ निर्धारित फीडिंग पॉइंट को मंजूरी दी है. इसके साथ ही झील क्षेत्र में किसी भी अन्य जगह पर आवारा जानवरों को खाना देने पर रोक लगा दी गई है. निगम का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य झील परिसर को व्यवस्थित रखना और लोगों के लिए सुरक्षित माहौल बनाना है. अब पशु प्रेमियों और डॉग फीडर्स को केवल इन्हीं अधिकृत स्थानों पर जाकर जानवरों को भोजन देना होगा. इससे झील के अलग-अलग हिस्सों में अनियंत्रित तरीके से भोजन डालने की समस्या कम होगी.

साफ-सफाई और सुरक्षा पर रहेगा फोकस

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार सुखना झील शहर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है. यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग घूमने और समय बिताने आते हैं. ऐसे में कई जगहों पर जानवरों को खाना खिलाने से गंदगी बढ़ने और लोगों को परेशानी होने की शिकायतें सामने आ रही थीं. नई व्यवस्था लागू होने से साफ-सफाई बनाए रखने में मदद मिलेगी. साथ ही, जानवरों और लोगों के बीच बेहतर संतुलन भी बन सकेगा. निगम का मानना है कि तय स्थानों पर भोजन उपलब्ध होने से जानवरों की देखभाल भी अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी.


जनता से मांगे गए थे सुझाव

इस फैसले से पहले नगर निगम ने 19 मई को सार्वजनिक सूचना जारी कर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं. इसके लिए 15 दिन का समय दिया गया था. स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार निर्धारित समय के दौरान किसी भी व्यक्ति, संस्था या समूह की ओर से कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई. इसके बाद सभी प्रस्तावित आठ फीडिंग पॉइंट को अंतिम मंजूरी दे दी गई.