Punjab Weather: जालंधर नवांशहर में पहली बारिश ने खोली तैयारियों की पोल, सड़कों पर जलभराव से बढ़ी लोगों की परेशानी

पंजाब के जालंधर और नवांशहर में मानसून की शुरुआती बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की कमजोरियां उजागर कर दीं. कई इलाकों में जलभराव, टूटी सड़कों और अधूरी परियोजनाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

AI
Meenu Singh

पंजाब में मानसून की दस्तक के साथ ही जालंधर और नवांशहर में बारिश ने लोगों को राहत के बजाय मुश्किलों में डाल दिया. जालंधर में करीब एक घंटे की हल्की बारिश के बाद कई सड़कों पर पानी भर गया, जबकि नवांशहर में पहली तेज बारिश ने नगर निकाय की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए.

अधूरी सीवरेज परियोजनाएं, बंद नालियां और खराब सड़कें आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गईं. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इसी तरह के मौसम की संभावना जताई है.

बारिश के बाद जलभराव से बढ़ी परेशानी

जालंधर में करीब 1.5 मिलीमीटर बारिश के बाद कई सड़कों पर पानी जमा हो गया. जिन इलाकों में पहले की बारिश का पानी नहीं निकला था, वहां हालात और बिगड़ गए. टूटी सड़कें और जगह-जगह जमा पानी के कारण वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवाजाही में परेशानी हुई.


अधूरे कार्यों ने बढ़ाई मुश्किल

जहां सीवरेज, पेयजल पाइपलाइन और सतही जल निकासी से जुड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां बारिश के बाद कीचड़ फैल गया. इससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कामों में दिक्कत हुई. बारिश थमने के बाद उमस बढ़ गई, हालांकि शाम के समय चली ठंडी हवा से लोगों को कुछ राहत मिली.

नवांशहर में पहली बारिश ने खोली पोल

नवांशहर में करीब 30 मिनट की तेज बारिश के दौरान लगभग 20 मिलीमीटर पानी दर्ज किया गया. पहली ही बारिश में कई मोहल्लों और मुख्य सड़कों पर जलभराव हो गया. इससे यह साफ हो गया कि मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं की जा सकी थी.

सीवरेज व्यवस्था पर उठे सवाल

शहर के कई पुराने सीवरेज पाइप और चेंबर साफ नहीं होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित रही. निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी. सीवरेज सफाई के लिए बजट स्वीकृत होने के बावजूद काम पूरा नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली.

आने वाले दिनों में भी बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार 13 जुलाई तक पंजाब के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और उमस भरा मौसम बना रह सकता है. ऐसे में प्रशासन के सामने जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने की चुनौती रहेगी, ताकि आगामी बारिश के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी उठानी पड़े.