पंजाब बागवानी में छुएगा नया शिखर! जापान के साथ ₹1,300 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट शुरू
इस 1,300 करोड़ के जापान सहयोग वाले प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई व्यवस्था और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. जापानी विशेषज्ञ पंजाब के किसानों को उन्नत बागवानी की ट्रेनिंग देंगे. ड्रिप इरिगेशन, ग्रीनहाउस तकनीक, कीट प्रबंधन और पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में नई जानकारी दी जाएगी.
चंडीगढ़: पंजाब सरकार कृषि को नई दिशा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है. भगवंत मान सरकार पंजाब और जापान के बीच संयुक्त परियोजना शुरू करने वाली है. इस 1,300 करोड़ की परियोजना से राज्य की बागवानी को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा. साथ ही किसानों को गेहूं-धान की पारंपरिक फसल चक्र से मुक्ति मिलेगी और फसलों में विविधता बढ़ेगी.
यह परियोजना पंजाब को बागवानी हब बनाने की दिशा में अहम मील का पत्थर साबित होगी. सरकार का लक्ष्य है कि किसान केवल गेहूं और धान पर निर्भर न रहें, बल्कि फलों, सब्जियों, फूलों और अन्य बागवानी फसलों की ओर रुख करें. इससे उनकी आय में कई गुना बढ़ोतरी हो सकेगी.
परियोजना के प्रमुख उद्देश्य
इस 1,300 करोड़ के जापान सहयोग वाले प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई व्यवस्था और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. जापानी विशेषज्ञ पंजाब के किसानों को उन्नत बागवानी की ट्रेनिंग देंगे. ड्रिप इरिगेशन, ग्रीनहाउस तकनीक, कीट प्रबंधन और पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में नई जानकारी दी जाएगी.
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सरकार के अनुसार इस परियोजना से फसल विविधता बढ़ेगी. किसान अब सेब, कीवी, ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, मशरूम, फूलों की खेती और विभिन्न प्रकार की सब्जियां उगा सकेंगे. इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और पानी की बचत भी होगी. गेहूं-धान चक्र के कारण हो रहे जल स्तर में गिरावट और मिट्टी की खराबी की समस्या भी कम होगी.
किसानों को फायदा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह परियोजना किसान भाइयों की आय दोगुनी करने की दिशा में काम करेगी. छोटे और सीमांत किसानों को विशेष सहायता दी जाएगी. परियोजना के तहत मार्केटिंग की बेहतर व्यवस्था भी होगी, ताकि किसानों की उपज अच्छे दामों पर बिक सके. कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट्स भी स्थापित किए जाएंगे.
जापान की उन्नत तकनीक से पंजाब के किसान वैश्विक स्तर की फसलें उगा सकेंगे. इससे निर्यात बढ़ेगा और पंजाब की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. युवा किसान भी बागवानी की ओर आकर्षित होंगे क्योंकि इसमें मेहनत कम और लाभ ज्यादा है.
सरकार की तैयारियां
सरकार ने इस परियोजना के लिए विस्तृत योजना तैयार कर ली है. जल्द ही औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने वाले हैं. कृषि विभाग और बागवानी विभाग इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. विभिन्न जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे, जिनके अच्छे परिणाम आने के बाद पूरे राज्य में विस्तार किया जाएगा.