पंजाब में प्रशासनिक फेरबदल, 4 IAS और 30 PCS अधिकारियों के तबादले; देखें पूरी लिस्ट
पंजाब सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा फेरबदल किया है. चार आईएएस और 30 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं.
पंजाब सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर अधिकारियों के तबादले किए हैं. इस फेरबदल में चार आईएएस और 30 पीसीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं. सरकार का मानना है कि इससे जिला स्तर पर प्रशासनिक कार्यों की गति और निगरानी दोनों बेहतर होंगी.
प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव
राज्य सरकार की ओर से जारी आदेशों के तहत कई जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों की नई तैनाती की गई है. इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाना और विकास योजनाओं की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना बताया जा रहा है. तबादला सूची में विशेष रूप से एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (एडीसी) और सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं. सरकार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब विभिन्न जिलों में विकास परियोजनाओं और जनकल्याण योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है.
आईएएस अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां
तबादलों के तहत वर्ष 2022 बैच के आईएएस अधिकारी डेवी गोयल को मुक्तसर साहिब में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) नियुक्त किया गया है. इसके साथ ही उन्हें एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है. वहीं वर्ष 2023 बैच की आईएएस अधिकारी कृतिका गोयल को मानसा जिले में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) की जिम्मेदारी दी गई है. इसी क्रम में आदित्य शर्मा को तरनतारन में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) बनाया गया है. वहीं पल्लवी मिश्रा को अमृतसर में इसी पद पर नियुक्त किया गया है. इन नियुक्तियों को युवा अधिकारियों पर सरकार के बढ़ते भरोसे के रूप में देखा जा रहा है.
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जिलों में प्रशासनिक कार्यों को मिलेगी नई दिशा
सरकार का मानना है कि नई नियुक्तियों से जिला प्रशासन की कार्यक्षमता में सुधार होगा और योजनाओं का लाभ लोगों तक तेजी से पहुंचेगा. पीसीएस अधिकारियों के तबादलों के जरिए भी विभिन्न जिलों में प्रशासनिक संतुलन स्थापित करने की कोशिश की गई है. अधिकारियों को उनके अनुभव और कार्यक्षमता के आधार पर नई जिम्मेदारियां दी गई हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फेरबदल से प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा आती है और अधिकारियों को बेहतर प्रदर्शन का अवसर मिलता है.