चंडीगढ़: दुनिया भर में जहां विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस मनाकर वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने की कोशिश की जा रही है, वहीं पंजाब सरकार की ‘1076 डोरस्टेप गवर्नेंस’ पहल बुजुर्गों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई है. यह पहल उन लोगों तक सरकारी सेवाएं पहुंचा रही है, जिन्हें उम्र, स्वास्थ्य या अन्य कारणों से सरकारी दफ्तरों तक पहुंचने में कठिनाई होती है.
पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई यह व्यवस्था नागरिकों को उनके घर पर ही विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई है. खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह योजना काफी लाभकारी साबित हो रही है. इसके तहत पेंशन, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र समेत सैकड़ों सरकारी सेवाएं घर बैठे प्राप्त की जा सकती हैं.
अक्सर देखा जाता है कि बुजुर्गों को किसी दस्तावेज या सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. लंबी कतारें, परिवहन की समस्या और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां उनके लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बनती हैं. ऐसे में 1076 डोरस्टेप गवर्नेंस सेवा उनके लिए राहत लेकर आई है. इस सुविधा के तहत नागरिक एक निर्धारित नंबर पर संपर्क कर सेवा का अनुरोध कर सकते हैं. इसके बाद प्रशिक्षित प्रतिनिधि उनके घर पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज़ एकत्र करते हैं और संबंधित प्रक्रिया पूरी कराते हैं. इससे समय और धन दोनों की बचत होती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि बुजुर्गों के साथ सम्मानजनक व्यवहार केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सुशासन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है. पंजाब सरकार की यह पहल इसी सोच को आगे बढ़ाती है. सरकारी सेवाओं को लोगों के दरवाजे तक पहुंचाकर प्रशासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम की जा रही है. 1076 डोरस्टेप गवर्नेंस को राज्य में डिजिटल और जनकेंद्रित शासन की दिशा में एक सफल प्रयोग माना जा रहा है. इससे न केवल सेवा वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी बनी है, बल्कि आम नागरिकों का भरोसा भी बढ़ा है.