हर समुदाय तक पहुंचने की तैयारी में पंजाब सरकार, जिला स्तर तक बनेंगे सामुदायिक कल्याण बोर्ड

पंजाब सरकार ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कल्याण बोर्डों का जिला और विधानसभा स्तर तक विस्तार करने का फैसला किया है. आम आदमी पार्टी की इस सामुदायिक पहुंच रणनीति को राजनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है.

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Shanu Sharma

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम उठाते हुए राज्य के हर जिले और विधानसभा क्षेत्र में सामुदायिक कल्याण बोर्ड गठित करने का निर्णय किया है. आम आदमी पार्टी सरकार की इस पहल के तहत विभिन्न जातियों और समुदायों के प्रभावशाली लोगों को संगठनात्मक ढांचे से जोड़ा जाएगा और जनसंपर्क को जमीनी स्तर तक मजबूत किया जाएगा. इसे चुनाव पूर्व समुदाय पहुंच की व्यापक राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.

पंजाब सरकार पहले ही 21 राज्य स्तरीय कल्याण बोर्ड गठित कर चुकी है. अब इन्हीं बोर्डों का विस्तार जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर तक किया जाएगा. इस नई व्यवस्था के तहत राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों और सभी जिलों में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग बोर्ड गठित होंगे. प्रत्येक बोर्ड में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य शामिल किए जाएंगे.

कल्याण बोर्डों का मुख्य उद्देश्य

पंजाब सरकार का कहना है कि इन कल्याण बोर्डों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करना है. इसके साथ ही विभिन्न समुदायों की समस्याओं और सुझावों को सरकार तक सीधे पहुंचाने का काम भी ये बोर्ड करेंगे. सभी पदाधिकारियों और सदस्यों की नियुक्ति मानद आधार पर होगी और उन्हें किसी प्रकार का वेतन या वित्तीय सुविधा नहीं दी जाएगी. राजनीतिक विश्लेषक इस पहल को 2027 पंजाब चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि जिला स्तरीय बोर्डों और विधानसभा क्षेत्र बोर्डों के माध्यम से पार्टी विभिन्न सामाजिक समूहों में गहरी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है. 


विभिन्न जातियों और समुदायों का विशेष प्रभाव

जन सांख्यिकीय दृष्टि से विविधता वाले पंजाब में जाति और समुदाय आधारित संपर्क राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. पंजाब की राजनीति में विभिन्न जातियों और समुदायों का अपना विशेष प्रभाव क्षेत्र रहा है. दलित वर्ग, पिछड़े वर्ग, हिंदू व्यापारी समुदाय, सिख उपजातियां और अन्य वर्गों तक पहुंच बनाना सत्ता की राह में निर्णायक साबित होता है. पंजाब सरकार की यह पहल इसी समझ पर आधारित मानी जा रही है.

कल्याण बोर्डों के प्रस्तावित कार्य

  • सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्तर पर निगरानी.
  • समुदाय विशेष की समस्याओं और मांगों को सरकार तक पहुंचाना.
  • योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान और संपर्क में सहायता.
  • विधानसभा क्षेत्र स्तर पर जनसंपर्क और संवाद को बढ़ावा देना.
  • समुदायों के प्रभावशाली व्यक्तियों को शासन प्रक्रिया से जोड़ना.