पंजाब विधानसभा ने तीन तख्त साहिब वाले शहरों को घोषित किया पवित्र शहर, शराब-मांस की बिक्री पर लगेगा प्रतिबंध

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर (वॉल्ड सिटी), तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की घोषणा की. अब इन शहरों में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतिबंध लागू होंगे.

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Kuldeep Sharma

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अमृतसर शहर का वॉल्ड सिटी हिस्सा, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा दे दिया. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे धर्म और संस्कृति की संरक्षण पहल बताया.

सिखों के तीन प्रमुख तख्त साहिबान इन शहरों में स्थित हैं. सरकार ने कहा कि यह कदम श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली मांग को पूरा करने और धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत तथा समाज में एकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है.

धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

श्री गुरु तेग बहादुर जी ने स्वयं श्री आनंदपुर साहिब शहर की स्थापना की थी और यहां उन्होंने लगभग 30 वर्ष बिताए. इसी पवित्र धरती पर उनके पुत्र गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म हुआ और उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर लोगों को अन्याय के खिलाफ खड़ा होना सिखाया. इन शहरों में धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक घटनाएं और गुरु साहिबों की कुर्बानियां उन्हें विशेष बनाती हैं. सरकार ने इन शहरों को पवित्र घोषित कर उनकी विरासत को संरक्षित करने का कदम उठाया है.

धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतिबंध लागू

मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक ने घोषणा की कि इन पवित्र शहरों में मांस, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री एवं उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. शहर अब केवल धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित होंगे. यह कदम किसी समुदाय या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और विश्व स्तर पर इसके महत्व को बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है.

सभी धर्मों के प्रतिनिधियों की भागीदारी

प्रदेश सरकार इन पवित्र शहरों में सर्व-धर्म समिति गठित करेगी, जिसमें सभी धर्मों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. इसका उद्देश्य धार्मिक संस्थाओं, सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यटन को विकसित करना है. सरकार ने इन शहरों के सर्वांगीण विकास, धार्मिक पर्यटन और भविष्य की पीढ़ियों के लिए विरासत को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया है.

श्रद्धालुओं और जनता के लिए सुविधा

सरकार ने इन शहरों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं. समारोहों के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई और सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु साहिब की शिक्षाओं और मानवता के आदर्शों को युवाओं तक पहुंचाने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण है.

आने वाले वर्षों में शहीदी दिवस समारोह

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को बड़े स्तर पर मनाया जाएगा और यह समारोह भविष्य में भी जारी रहेगा. इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को गुरु साहिब की महान विरासत से परिचित कराना और धर्म, मानवता तथा भाईचारे के संदेश को जीवित रखना है.