अमेरिका-ईरान में युद्ध में आया खतरनाक मोड़, ट्रंप ने दिए जमीनी सैन्य अभियान के संकेत; तेज धमाकों से दहला तेहरान

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जमीनी सैन्य अभियान की संभावना जताई है. वहीं लगातार हमलों के बीच तेहरान में जोरदार धमाकों से हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं.

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Kuldeep Sharma

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब और गंभीर होता दिखाई दे रहा है. युद्ध के आठवें दिन अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच टकराव तेज हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ जमीनी सैन्य अभियान का विकल्प भी विचाराधीन है. इस बीच क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों का दौर जारी है, जिससे कई शहरों में धमाकों की खबरें सामने आई हैं. हालात को देखते हुए कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी है.

जमीनी हमले पर ट्रंप के संकेत

रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सलाहकारों और रिपब्लिकन नेताओं के साथ बैठक कर ईरान के खिलाफ संभावित जमीनी कार्रवाई पर चर्चा की है. हालांकि व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. अमेरिकी प्रशासन सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है और परिस्थितियों के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी.

तेहरान और अन्य इलाकों में हमलों की गूंज

शनिवार को ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई क्षेत्रों में जोरदार धमाकों की खबरें आईं. रिपोर्टों के मुताबिक इजरायल ने ईरान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. बंदर अब्बास नौसैनिक अड्डे और तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे के आसपास हमलों के बाद आग लगने की घटनाएं सामने आईं. इजरायल ने दावा किया कि इस कार्रवाई में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े कई सैन्य संसाधनों को नुकसान पहुंचाया गया है.

ईरान की जवाबी कार्रवाई और बढ़ता तनाव

ईरान ने भी जवाबी हमलों का दावा किया है. जानकारी के अनुसार मिसाइल हमले में जॉर्डन के एक सैन्य अड्डे पर तैनात अमेरिकी थाड एयर डिफेंस सिस्टम को नुकसान पहुंचा. यह प्रणाली बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए इस्तेमाल की जाती है और इसे अमेरिका की उन्नत रक्षा तकनीकों में गिना जाता है. इस घटना को अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

क्षेत्रीय और वैश्विक असर

इस संघर्ष का असर पूरे पश्चिम एशिया में महसूस किया जा रहा है. कई देशों ने सुरक्षा बढ़ा दी है और सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं. कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि रूस ईरान को खुफिया जानकारी उपलब्ध करा सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. बढ़ते तनाव के बीच कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया तेज कर दी है और क्षेत्र में हालात अभी भी बेहद अनिश्चित बने हुए हैं.