Punjab Congress: दिल्ली में जुटेंगे पंजाब के दिग्गज, पायलट के सामने बनेगा 2027 का रोडमैप!
पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान के बीच दिल्ली में CWC की बैठक अहम होगी. सचिन पायलट पहली बार प्रभारी के तौर पर शामिल होंगे. चन्नी, वड़िंग, बाजवा और रंधावा की मौजूदगी पर नजर रहेगी.
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी अंदरूनी मतभेदों के बीच मंगलवार को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इंदिरा भवन में सुबह 10 बजे से प्रस्तावित बैठक में पंजाब के कई वरिष्ठ नेता एक साथ नजर आ सकते हैं. नए पंजाब प्रभारी और AICC महासचिव सचिन पायलट पहली बार इस भूमिका में बैठक में शामिल होंगे. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा की मौजूदगी अहम होगी.
चन्नी की मौजूदगी पर भी रहेगी नजर
पिछली बैठक में परीक्षा का हवाला देते हुए चरणजीत सिंह चन्नी शामिल नहीं हुए थे. इस बार उनकी मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बैठक में राष्ट्रीय मुद्दों के साथ पंजाब कांग्रेस के संगठन की स्थिति और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है. पार्टी के सामने अलग-अलग गुटों को साथ लाकर संगठन को मजबूत करने की चुनौती बनी हुई है.
2027 चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की तैयारी
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस संगठन में सक्रियता बढ़ाने पर जोर दे सकती है. टिकट वितरण से पहले नए चेहरों को आगे लाने और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा संभव है. चन्नी और वड़िंग गुट के बीच मतभेद और गुटबाजी भी पार्टी के सामने प्रमुख चुनौती है. ऐसे में बैठक में संगठनात्मक स्थिति पर होने वाली चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
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पायलट ने वरिष्ठ नेताओं से लिया फीडबैक
पंजाब प्रभारी बनने के बाद सचिन पायलट प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर चुके हैं. उन्होंने राजा वड़िंग, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रताप सिंह बाजवा समेत नेताओं से बातचीत की है. इन मुलाकातों से मिले फीडबैक के बाद दिल्ली की बैठक में पंजाब से जुड़े मुद्दों पर पायलट की भूमिका अहम रह सकती है. 15 सितंबर को चंडीगढ़ में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कई वरिष्ठ नेता एक मंच पर दिखे थे.
दलित नेतृत्व को लेकर भी अहम बैठक
मंगलवार दोपहर तीन बजे कांग्रेस में दलित नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर अलग बैठक प्रस्तावित है. इसमें देशभर से करीब 300 दलित नेताओं को बुलाया गया है. सांसदों, विधायकों और पूर्व विधायकों के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इसमें शामिल होंगे. चरणजीत सिंह चन्नी, डॉ. अमर सिंह समेत पंजाब के कुछ अन्य नेताओं के भी बैठक में पहुंचने की संभावना है. ऐसे में दिल्ली में पार्टी की गतिविधियां राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहेंगी.