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पंजाब में कांग्रेस ने फूंका चुनावी बिगुल! जनता बताएगी मुद्दे, उसी से तैयार होगा 2027 का मेनिफेस्टो

पंजाब कांग्रेस ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू करते हुए घोषणा पत्र समिति की पहली बैठक की. पार्टी अब प्रदेशभर में लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों के आधार पर चुनावी एजेंडा तैयार करेगी.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
पंजाब में कांग्रेस ने फूंका चुनावी बिगुल! जनता बताएगी मुद्दे, उसी से तैयार होगा 2027 का मेनिफेस्टो
Courtesy: X

चंडीगढ़ में हुई बैठक के साथ पंजाब कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा में अपना पहला बड़ा कदम बढ़ाया है. घोषणा पत्र समिति ने तय किया है कि चुनावी दस्तावेज केवल पार्टी की सोच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनता की राय और प्रदेश की वास्तविक जरूरतों को इसमें जगह दी जाएगी.

पहली बैठक में बनी रणनीति

घोषणा पत्र समिति की पहली बैठक में डॉ. अमर सिंह, परगट सिंह, गुरजीत सिंह औजला और हरदयाल सिंह कंबोज शामिल हुए. नेताओं ने आगामी चुनाव के लिए मेनिफेस्टो की प्राथमिकताओं और उसे जमीनी मुद्दों से जोड़ने पर चर्चा की. पार्टी का मानना है कि पंजाब के अलग-अलग इलाकों की समस्याएं एक जैसी नहीं हैं, इसलिए घोषणा पत्र तैयार करने से पहले लोगों से सीधे बातचीत जरूरी है. इसी उद्देश्य से समिति प्रदेश के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेगी और वहां के लोगों की राय जुटाएगी.

हर वर्ग से मांगे जाएंगे सुझाव

कांग्रेस की योजना केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं तक सुझाव लेने की नहीं है. समिति सामाजिक संस्थाओं, विभिन्न एसोसिएशनों, सिविल सोसायटी, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और आम नागरिकों से भी बातचीत करेगी. इस दौरान रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और विकास से जुड़े स्थानीय मुद्दों को समझने की कोशिश होगी. पार्टी नेताओं के मुताबिक जनता से मिलने वाले सुझावों को सिर्फ औपचारिकता के तौर पर नहीं लिया जाएगा, बल्कि उन्हें मेनिफेस्टो की प्राथमिकताएं तय करने में इस्तेमाल किया जाएगा. इससे अलग-अलग क्षेत्रों की आवाज को चुनावी एजेंडे में शामिल करने की कोशिश होगी.

जनता की राय से तय होगा चुनावी एजेंडा

मेनिफेस्टो कमेटी का प्रदेशभर में प्रस्तावित दौरा कांग्रेस की 2027 की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है. पार्टी चुनाव से पहले ही जमीनी स्तर पर लोगों के मुद्दों को समझना चाहती है, ताकि बाद में इन्हीं समस्याओं के आधार पर अपना रोडमैप तैयार किया जा सके. समिति की बैठकों और जनसंवाद से सामने आने वाले सुझावों को संकलित कर घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा. कांग्रेस का लक्ष्य ऐसा चुनावी दस्तावेज तैयार करना है, जिसमें पंजाब के अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों की अपेक्षाओं को जगह मिल सके.