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'मेरे खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं...' पंजाब CM ने धार्मिक पदों पर बैठे लोगों पर लगाया राजनीतिक साजिश का आरोप

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़े राजनीतिक नियुक्तियों के फैसले पहले से ही लोगों के सामने हैं.

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Meenu Singh

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर बहस तेज हो गई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने विरोधियों और कुछ धार्मिक पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से गलत प्रचार किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि जनता और संगत के सामने सभी तथ्य मौजूद हैं और अंतिम फैसला भी वही करेगी.

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़े राजनीतिक नियुक्तियों के फैसले पहले से ही लोगों के सामने हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली धार्मिक पदों पर बैठे लोग राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं और उनके खिलाफ झूठी बातें फैलाई जा रही हैं.

राजनीतिक प्रभाव का लगाया आरोप

भगवंत मान ने कहा कि, 'बड़े धार्मिक पदों पर बैठे लोग अपने राजनीतिक आकाओं के कहने पर मेरे खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं. यही लोग पहले सवाल उठाते थे कि कानून क्यों नहीं बनाया जा रहा, और अब वे कहते हैं कि कानून क्यों बनाया गया; क्योंकि इस कानून के तहत सबसे पहले उन्हीं राजनीतिक आकाओं को दोषी पाया जाएगा. आखिरी फैसला पूरी गुरु-रूप साध-संगत लेगी; मैं हमेशा पंजाब और पंजाब के लोगों की भलाई के लिए समर्पित रहूंगा.'


पुराने मामलों का भी किया जिक्र

अपने बयान में मुख्यमंत्री ने 2 दिसंबर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि, 'लोगों ने 2 दिसंबर को अपने गुनाह कबूल किए और बाद में उनसे मुकर गए, अगर उनके खिलाफ कोई कार्यवाही न करना पक्षपात नहीं है, तो फिर यह क्या है?' उन्होंने पूछा कि यदि ऐसे मामलों में कोई कार्यवाही नहीं होती, तो इसे निष्पक्षता कैसे कहा जा सकता है. उनके अनुसार, किसी विशेष वर्ग या व्यक्ति को संरक्षण देना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है.

पंजाब के विकास के लिए प्रतिबद्धता दोहराई

अपने संदेश के अंत में भगवंत मान ने कहा कि वे पंजाब और राज्य के लोगों की भलाई के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते रहेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप के बावजूद उनकी प्राथमिकता प्रदेश का विकास, जनकल्याण और लोगों की सेवा ही रहेगी.