पंजाब BJP में बगावत से हाईकमान टेंशन में, नितिन नवीन ने नेताओं को किया दिल्ली तलब

पंजाब भाजपा में नई टीम को लेकर बढ़े असंतोष और इस्तीफों के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व सक्रिय हो गया है. नितिन नवीन ने प्रदेश नेताओं को मतभेद दूर कर संगठन मजबूत करने के निर्देश दिए.

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Kanhaiya Kumar Jha

चंडीगढ़: पंजाब भाजपा में संगठनात्मक बदलाव के बाद शुरू हुआ विरोध अब राष्ट्रीय नेतृत्व की चिंता बन गया है. नई टीम के गठन को लेकर कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी सामने आई है. इस्तीफों की बढ़ती संख्या के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और संगठन महामंत्री मंथरी श्रीनिवासुलु को दिल्ली बुलाकर स्थिति की समीक्षा की. बैठक में असंतोष दूर करने और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने पर जोर दिया गया.

शनिवार शाम दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ पंजाब के दोनों प्रमुख संगठनात्मक पदाधिकारियों की बैठक हुई. करीब 45 मिनट चली इस बैठक में पंजाब के संगठन के पर्यवेक्षक सतीश पुनिया भी मौजूद रहे. राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से चल रहे विरोध पर गंभीर नाराजगी जताई. साफ कहा गया कि मौजूदा स्थिति को संभालने में प्रदेश नेतृत्व प्रभावी साबित नहीं हुआ, इसलिए अब केंद्रीय स्तर पर मामले की निगरानी की जाएगी.

नई टीम के चयन पर उठे सवाल

बैठक में पंजाब भाजपा की नई टीम के गठन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठे. राष्ट्रीय नेतृत्व ने जानना चाहा कि पदाधिकारियों के चयन के लिए कौन से मानदंड अपनाए गए. पार्टी के भीतर चर्चा है कि वर्षों से सक्रिय वरिष्ठ नेताओं से पर्याप्त सलाह नहीं ली गई. सबसे ज्यादा सवाल इस बात पर उठे कि पांच महासचिवों में से तीन एक ही जिले से बनाए गए. कुल 10 पदाधिकारी भी उसी जिले से शामिल किए गए, जिससे पक्षपात के आरोपों को बल मिला.


चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की चुनौती

पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण भाजपा के लिए यह विवाद अहम माना जा रहा है. राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश नेताओं को हर कार्यकर्ता को साथ लेकर चलने और अंदरूनी मतभेद जल्द खत्म करने को कहा है. पार्टी का मानना है कि चुनावी तैयारी के समय संगठन में असंतोष का असर जमीनी अभियान पर पड़ सकता है. इसलिए नाराज नेताओं से संवाद बढ़ाने और उनकी शिकायतों का समाधान निकालने पर विशेष जोर दिया गया है.

केंद्रीय नेतृत्व की सीधी निगरानी

पंजाब भाजपा में बढ़ती नाराजगी की जानकारी राष्ट्रीय नेतृत्व के शीर्ष स्तर तक पहुंचने की बात कही जा रही है. पार्टी नेतृत्व इस मामले को इसलिए भी गंभीरता से ले रहा है क्योंकि आगामी चुनाव में पंजाब को लेकर उसकी रणनीति महत्वपूर्ण है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी राज्य की चुनावी तैयारियों को लेकर गंभीर बताए जा रहे हैं. ऐसे में प्रदेश संगठन को जल्द से जल्द विवाद सुलझाकर चुनावी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश मिले हैं.

नई राजनीतिक संभावनाओं पर भी नजर

राष्ट्रीय नेतृत्व ने पंजाब भाजपा को आगामी चुनाव के लिए बदलते राजनीतिक समीकरणों के अनुसार तैयार रहने को कहा है. प्रदेश इकाई से केंद्रीय निर्देशों को प्रभावी ढंग से जमीन पर लागू करने की अपेक्षा की गई है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के बीच हालिया मुलाकात को भी राजनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब निगाहें इस बात पर हैं कि भाजपा प्रदेश में असंतोष को कितनी जल्दी शांत कर पाती है.