पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए भारतीय सेना ने जालंधर कैंट में 11वीं वज्र कोर के तहत ‘बाज ड्रोन बटालियन’ तैनात की है. यह यूनिट सीमा क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियों पर निगरानी रखने के साथ दुश्मन की संभावित हरकतों का तेजी से पता लगाने में अहम भूमिका निभाएगी.
पंजाब के फिरोजपुर, फाजिल्का, अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के जरिए हथियार, नशीले पदार्थ और अन्य सामान पहुंचाने की कोशिशें सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती रही हैं. ऐसे में नई ड्रोन यूनिट सीमा पर निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
‘बाज ड्रोन बटालियन’ में भारत में विकसित ड्रोन के साथ हेरॉन और हर्मीस जैसे आधुनिक ड्रोन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा. यूनिट में तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद होंगे, जो ड्रोन से मिलने वाली सूचनाओं और डेटा का रियल टाइम विश्लेषण करने में सक्षम होंगे.
नई व्यवस्था का उद्देश्य सीमा पार से होने वाली संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों की जल्द पहचान करना और सुरक्षा बलों को समय रहते कार्रवाई के लिए जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है. इससे पंजाब के संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी क्षमता बढ़ने की उम्मीद है.