3 साल में 149 नाबालिग गिरफ्तार, पंजाब के सीमावर्ती गांवों में गुरुद्वारों से जारी हुआ बड़ा अलर्ट
पंजाब के सीमावर्ती गांवों में युवाओं को संदिग्ध गतिविधियों, नशे और अपराध से बचाने के लिए पुलिस ने गुरुद्वारों के जरिए जागरूकता अभियान शुरू किया है. पुलिस के अनुसार पिछले तीन वर्षों में हथियार, नशा तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में 149 नाबालिग गिरफ्तार किए गए हैं.
पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के गांवों में युवाओं को संदिग्ध गतिविधियों और अपराध से दूर रखने के लिए पुलिस ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है. इस अभियान में पुलिस धार्मिक मंचों का इस्तेमाल कर रही है. सीमावर्ती गांवों के गुरुद्वारों से रोज शाम रहिरास साहिब के पाठ के बाद युवाओं और उनके माता पिता से सतर्क रहने की अपील की जा रही है. पुलिस की ओर से युवाओं को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े कथित षड्यंत्रों के साथ नशे, अपराध और गैंगस्टर गतिविधियों से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है. पुलिस का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को समय रहते जागरूक करना जरूरी है, ताकि वे किसी लालच या बहकावे में आकर गलत गतिविधियों का हिस्सा न बनें.
3 साल में 149 नाबालिगों की गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक पिछले तीन वर्षों में पंजाब में हथियार और नशा तस्करी, ग्रेनेड हमलों तथा गैंगस्टर गतिविधियों से जुड़े मामलों में 149 नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान कुछ नाबालिगों ने कथित तौर पर बताया कि वे पैसों के लालच में ऐसी गतिविधियों से जुड़े. पुलिस अब इसी खतरे को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में बच्चों और युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने पर जोर दे रही है. पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि युवाओं को ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से पहले ही जागरूक करना है.
गुरुद्वारों के लाउडस्पीकर से रोज हो रही अपील
सीमावर्ती गांवों में शाम के समय गुरुद्वारों से होने वाली घोषणाओं में ग्रंथी के साथ पुलिसकर्मी भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं. रहिरास साहिब के पाठ के बाद युवाओं को संदिग्ध गतिविधियों से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है. डीआईजी बॉर्डर रेंज हरमनबीर सिंह गिल के मुताबिक अमृतसर के अलावा पठानकोट, गुरदासपुर और बटाला के सीमावर्ती इलाकों के गांवों में यह अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि युवाओं को बचाने के लिए पंचायतों के साथ भी तालमेल किया जा रहा है. स्थानीय स्तर पर समुदाय को साथ लेकर चलने से इस अभियान के बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है.
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माता पिता से बच्चों पर नजर रखने की अपील
गुरुद्वारों से होने वाली घोषणाओं में माता पिता से बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने की अपील की जा रही है. उनसे कहा जा रहा है कि वे यह देखें कि बच्चे कहां जाते हैं और किन लोगों के संपर्क में रहते हैं. इसके अलावा बच्चों की इंटरनेट मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखने को कहा जा रहा है. पुलिस ने माता पिता को बच्चों के व्यवहार में अचानक होने वाले बदलावों पर ध्यान देने की सलाह दी है. अगर कोई बच्चा अचानक संदिग्ध ऑनलाइन बातचीत करने लगे या गैंगस्टर कल्चर की तरफ ज्यादा आकर्षित दिखाई दे, तो परिवार को इसे गंभीरता से लेने की अपील की जा रही है.
पुलिस के अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को छोटे आर्थिक लालच के जरिए अपराध की दुनिया में खींचे जाने से रोकना है. पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को संदिग्ध लोगों के संपर्क और ऐसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए. युवाओं से अपील की जा रही है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिलने पर परिवार और पुलिस को इसकी जानकारी दें. साथ ही सोशल मीडिया पर मिलने वाले संदिग्ध संपर्कों को लेकर भी सावधान रहने को कहा जा रहा है.