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पठानकोट में पर्यटन को नई उड़ान, मिनी गोवा में शुरू हुआ पैरासेलिंग और वाटर स्पोर्ट्स

पठानकोट के चमरोड पत्तन यानी मिनी गोवा में पैरासेलिंग और जल क्रीड़ाएं शुरू हो गई हैं. रंजीत सागर झील में भी जल्द गतिविधियां बढ़ेंगी और दो क्रूज पर्यटकों को नया अनुभव देंगे.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
पठानकोट में पर्यटन को नई उड़ान, मिनी गोवा में शुरू हुआ पैरासेलिंग और वाटर स्पोर्ट्स
Courtesy: Pinterest

पठानकोट में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में नई शुरुआत हुई है. चमरोड पत्तन को पर्यटकों के लिए रोमांचक गंतव्य बनाने की तैयारी तेज हो गई है. यहां पैरासेलिंग और कई जल क्रीड़ाएं शुरू हो चुकी हैं. रंजीत सागर बांध की झील में पैरासेलिंग का परीक्षण सफल रहा है और अगस्त के अंतिम सप्ताह तक जेट स्की, गर्म हवा का गुब्बारा समेत अन्य गतिविधियां शुरू करने की योजना है. इससे स्थानीय कारोबार और रोजगार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.

मिनी गोवा में बढ़ेगा रोमांच

चमरोड पत्तन में पर्यटकों के लिए पैरासेलिंग और जल आधारित मनोरंजन शुरू हो गया है. यहां पहले से जिप लाइन, एटीवी, निशानेबाजी, गर्म हवा के गुब्बारे और घुड़सवारी जैसी गतिविधियां मौजूद हैं. आठ इको हट भी बनाए गए हैं. संचालक पुनीत पिंटा के अनुसार प्राकृतिक सुंदरता के साथ साहसिक गतिविधियां शुरू होने से पर्यटकों का ठहराव बढ़ सकता है.

झील में जल्द शुरू होंगी गतिविधियां

रंजीत सागर बांध की झील में पैरासेलिंग का सफल परीक्षण किया जा चुका है. हालांकि नियमित सेवा अभी शुरू नहीं हुई है. अगस्त के अंतिम सप्ताह तक जेट स्की, एयर बैलून और दूसरी जल व रोमांचक गतिविधियां शुरू करने की तैयारी है. इससे झील को पंजाब के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की कोशिश को गति मिल सकती है.

पहली बार चलेंगे दो क्रूज

पंजाब में पहली बार इस क्षेत्र में दो क्रूज चलाने की योजना है. ये 95 और 45 यात्रियों की क्षमता वाले होंगे. बांध से मुक्तेश्वर धाम तक करीब आठ किलोमीटर की यात्रा कराई जाएगी. प्रति व्यक्ति किराया जीएसटी सहित 850 रुपये तय है. वरिष्ठ नागरिकों को 15 प्रतिशत छूट मिलेगी. क्रूज में भोजन, शौचालय और हर यात्री के लिए 10 लाख रुपये का बीमा भी होगा.

पर्यटन से कारोबार और रोजगार को उम्मीद

पर्यटन बढ़ने से होटल, रेस्तरां, टैक्सी और अन्य स्थानीय कारोबार को फायदा मिलने की उम्मीद है. संचालक के मुताबिक पंजाब के अलावा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से भी पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है. मिनी गोवा का एक साल का ठेका 70 लाख रुपये और झील की ओर का ठेका 40 लाख रुपये तय हुआ है. नई गतिविधियां क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद कर सकती हैं.