ट्राईसिटी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, तीन दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी; तेज बारिश देगी गर्मी से राहत

ट्राईसिटी में सोमवार सुबह हुई तेज बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया. भारतीय मौसम विभाग ने बुधवार तक ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है. अगले तीन दिनों में तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है.

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Shanu Sharma

ट्राईसिटी में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है. सोमवार सुबह हुई तेज बारिश ने लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत दिलाई. सुबह से ही आसमान बादलों से ढका रहा और सूरज के दर्शन नहीं हुए. दिन चढ़ने के साथ मौसम ने अचानक करवट ली और करीब 10 बजे घने काले बादलों ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया. इसके बाद शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार धीमी कर दी.

अचानक शुरू हुई बारिश के कारण सड़कों पर चल रहे दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई लोग बारिश से बचने के लिए पेड़ों, बस स्टॉप और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रुकते नजर आए. कई इलाकों में लोगों को बारिश थमने का इंतजार करना पड़ा, जिससे यातायात की रफ्तार भी कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई.

बुधवार तक ऑरेंज अलर्ट जारी

भारतीय मौसम विभाग ने ट्राईसिटी के लिए बुधवार तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार इस दौरान मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही गरज चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा. बीच-बीच में तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. लगातार हो रही वर्षा के कारण अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है. इससे पिछले कई दिनों से बनी गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.


आने वाले दिनों में भी बदला रहेगा मौसम का मिजाज

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल मानसूनी गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं. ऐसे में अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही, रुक-रुक कर बारिश और ठंडी हवाओं का दौर जारी रह सकता है. प्रशासन ने भी लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है. मानसून की इस सक्रियता से जहां मौसम सुहावना बना रहेगा, वहीं किसानों और जल स्रोतों के लिए भी यह बारिश लाभकारी मानी जा रही है.