पंजाब में मानसून का कहर, कई जिलों में झमाझम बारिश; 19 अगस्त से मौसम साफ होने के आसार

पंजाब में मानसून फिर सक्रिय हो गया है, रविवार सुबह कई जिलों में तेज बारिश हुई. अमृतसर और लुधियाना में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई. मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को भी भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है.

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Shanu Sharma

पंजाब में मानसून की सक्रियता के चलते रविवार सुबह कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई. सुबह चार बजे से सात बजे के बीच राज्य के कई जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई. सबसे अधिक बारिश अमृतसर में 40.1 मिलीमीटर हुई. इसके बाद लुधियाना में 38.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई.

मिली जानकारी के मुताबिक जालंधर में 15.8 मिलीमीटर, रूपनगर में 13.8 मिलीमीटर और एसबीएस नगर में 5.2 मिलीमीटर वर्षा हुई. वहीं, चंडीगढ़ में 2.6 मिलीमीटर, पटियाला में 3.4 मिलीमीटर और पठानकोट में 4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. गुरदासपुर, होशियारपुर और फतेहगढ़ साहिब में भी हल्की बारिश हुई.

दो दिनो तक भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार पंजाब में बारिश का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है. सोमवार और मंगलवार को भी राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा हो सकती है. इसे देखते हुए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने के साथ लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है. हालांकि, लगातार वर्षा से निचले इलाकों में जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां बढ़ने की आशंका भी है. मौसम विभाग के अनुसार 19 अगस्त से पंजाब में मौसम के साफ होने की संभावना है.


डैमों में धीरे-धीरे बढ़ रहा पानी

पंजाब में बारिश के बीच प्रमुख डैमों में पानी की आवक बढ़ गई है. हालांकि भाखड़ा और पोंग डैम का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है. दोनों जलाशयों में जितना पानी छोड़ा जा रहा है, उससे अधिक पानी लगातार पहुंच रहा है. भाखड़ा डैम में पानी का स्तर 1617.88 फीट दर्ज किया गया है. पोंग डैम की स्थिति भी इसी तरह बनी हुई है. यहां जलस्तर 1352.37 फीट पर पहुंच गया है. फिलहाल दोनों डैमों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है. मौजूदा स्थिति में तत्काल खतरे की बात नहीं है, लेकिन पानी की लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए जलस्तर पर लगातार निगरानी जरूरी है.