कपूरथला में बिजली नेटवर्क के आधुनिकीकरण की शुरुआत, सुरक्षा और सौंदर्यीकरण पर विशेष फोकस
पंजाब के कपूरथला जिले में बिजली नेटवर्क को मजबूत बनाने और जन सुरक्षा बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर कार्य शुरू किए गए हैं. PSPCL द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट के तहत नए ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं, जर्जर खंभे बदले जा रहे हैं और लटकती बिजली की तारों को व्यवस्थित किया जा रहा है.
पंजाब के कपूरथला जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं. पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा जिले भर में बिजली ढांचे के उन्नयन और शहरी सौंदर्यीकरण से जुड़ी कई परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है.
जिला प्रशासन के अनुसार इन परियोजनाओं के पूरा होने से उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवाएं मिलने के साथ-साथ लंबे समय से चली आ रही कई समस्याओं से भी राहत मिलेगी. इन योजनाओं का उद्देश्य बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत करना, दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना और शहरों की समग्र तस्वीर को बेहतर बनाना है.
लटकती तारों को किया जा रहा दुरुस्त
डिप्टी कमिश्नर आकाश बंसल ने बताया कि सौंदर्यीकरण योजना और अर्बन लोकल बॉडीज कार्यक्रम के तहत जिले में कई सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं. इनमें नीचे लटक रही बिजली की तारों की ऊंचाई बढ़ाना, पुराने और क्षतिग्रस्त बिजली खंभों को बदलना, खराब मीटर बॉक्सों को हटाना तथा नई बिजली केबल बिछाना शामिल है. इसके अलावा ऐसे खंभों को भी दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा रहा है जो यातायात में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं. प्रशासन का मानना है कि इन कदमों से सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी.
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बिजली आपूर्ति को मजबूत करने पर जोर
बढ़ती आबादी और बिजली की मांग को देखते हुए जिले में वितरण नेटवर्क को भी सुदृढ़ किया जा रहा है. इसी क्रम में कुल 52 नए वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने हैं, जिनमें से 47 ट्रांसफार्मर पहले ही लगाए जा चुके हैं. इनमें भुलत्थ और बेगोवाल क्षेत्रों में 7-7 ट्रांसफार्मर, नडाला में 4, सुल्तानपुर लोधी में 5 तथा ढिलवां में 4 नए ट्रांसफार्मर शामिल हैं.
नए ट्रांसफार्मरों के लगने से बिजली आपूर्ति का दबाव कम होगा और ओवरलोडिंग की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा. केवल नए ट्रांसफार्मर लगाने तक ही योजना सीमित नहीं है. बिजली विभाग ने जिले के 41 मौजूदा ट्रांसफार्मरों की क्षमता भी बढ़ा दी है. इसके साथ ही कंडक्टरों और अन्य वितरण उपकरणों को भी आधुनिक बनाया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों से बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर होगी और तकनीकी खराबियों के कारण होने वाली बाधाएं कम होंगी. इससे उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिल सकेगी.