वीजा लगने की मन्नत से लेकर खिलौना विमान चढ़ाने तक, जानें इस गुरुद्वारे की कहानी
जालंधर के तलहन गांव स्थित गुरुद्वारा श्री तलहन साहिब अपनी अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है. विदेश जाने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालु यहां अरदास करते हैं और मन्नत पूरी होने पर खिलौना हवाई जहाज चढ़ाते हैं.
पंजाब के जालंधर से करीब 12 किलोमीटर दूर तलहन गांव में स्थित गुरुद्वारा श्री तलहन साहिब श्रद्धालुओं के बीच खास पहचान रखता है. शहीद बाबा निहाल सिंह जी गुरुद्वारा साहिब के नाम से प्रसिद्ध इस स्थान पर विदेश जाने की इच्छा लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. यहां खिलौने वाला हवाई जहाज चढ़ाने की परंपरा इसे दूसरे धार्मिक स्थलों से अलग बनाती है. रविवार को गुरुद्वारा साहिब में भक्तों की संख्या खास तौर पर बढ़ जाती है.
विदेश जाने की मन्नत से जुड़ी परंपरा
स्थानीय लोगों के मुताबिक पासपोर्ट या वीजा से जुड़ी अड़चन दूर होने और विदेश जाने की इच्छा पूरी होने के लिए श्रद्धालु यहां अरदास करते हैं. मनोकामना पूरी होने के बाद वे दोबारा पहुंचकर खिलौने का हवाई जहाज चढ़ाते हैं. इसी परंपरा के कारण गुरुद्वारा साहिब को आम बोलचाल में ‘हवाई जहाज वाला गुरुद्वारा’ कहा जाता है. चढ़ाए गए खिलौने बाद में आसपास के बच्चों में बांट दिए जाते हैं.
श्रद्धालुओं ने साझा किए अनुभव
प्रदीप ने बताया कि उनके परिवार ने करीब एक-दो साल पहले भाई के विदेश जाने की मन्नत मांगी थी. पिछले महीने भाई के विदेश जाने के बाद वह खिलौना हवाई जहाज लेकर पहुंचे. उनका कहना है कि वह छह साल से गुरुद्वारा साहिब में माथा टेक रहे हैं और यहां की मान्यता पर उनका गहरा विश्वास है. श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान आस्था और उम्मीद से जुड़ा हुआ है.
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अमृतसर से पहुंचे श्रद्धालु
अमृतसर के सतिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने विदेश जाने की इच्छा के साथ यहां अरदास की थी. अब अगले साल न्यूजीलैंड जाने की तैयारी है, इसलिए वह मन्नत पूरी होने पर हवाई जहाज चढ़ाने पहुंचे. परमजोत सिंह भी पत्नी और बेटे के साथ आए. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया जाने की इच्छा से अरदास की है. उनकी मां पहले से ऑस्ट्रेलिया में हैं और अब वह परिवार के साथ वहां जाना चाहते हैं.
32 साल से निभा रहे परंपरा
फगवाड़ा के मेहर सिंह ने बताया कि वह करीब 32 वर्षों से गुरुद्वारा साहिब में आ रहे हैं. उनके परिवार में यह परंपरा बुजुर्गों के समय से चली आ रही है. वह हर रविवार यहां माथा टेकते हैं. उनके अनुसार विदेश जाने या वीजा से जुड़ी परेशानी वाले लोग यहां मन्नत मांगते हैं. इच्छा पूरी होने के बाद श्रद्धालु खिलौना हवाई जहाज चढ़ाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं.