पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह तेज, चरणजीत सिंह चन्नी ने बुलाई आपात बैठक
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ गया है. प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से नाराज बताए जा रहे चरणजीत सिंह चन्नी ने समर्थक नेताओं की आपात बैठक बुलाई, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं.
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नियुक्ति नहीं मिलने के बाद अपने आवास पर आपात बैठक बुलाई. मोरिंडा में आयोजित इस बैठक में कई वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की मौजूदगी ने पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी और गुटबाजी को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. अब सभी की नजर बैठक के बाद सामने आने वाले राजनीतिक संकेतों पर टिकी हुई है.
चन्नी के आवास पर जुटे वरिष्ठ नेता
मोरिंडा स्थित आवास पर बुलाई गई बैठक में कांग्रेस के 26 नेताओं ने हिस्सा लिया. इनमें तीन मौजूदा विधायक भी शामिल रहे. बताया जा रहा है कि चन्नी ने अपने करीबी नेताओं से मौजूदा राजनीतिक हालात और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की. बैठक में शामिल नेताओं की संख्या और वरिष्ठ चेहरों की मौजूदगी ने इस आयोजन को सामान्य बैठक से कहीं अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है. राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि समर्थकों से राय लेने के बाद चन्नी कोई अहम राजनीतिक फैसला ले सकते हैं, हालांकि उनकी ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
प्रदेश अध्यक्ष को लेकर बढ़ा असंतोष
बैठक में पहुंचे पूर्व विधायक दर्शन बराड़ ने दावा किया कि यदि चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब कांग्रेस की कमान नहीं सौंपी गई तो आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए सरकार बनाना आसान नहीं होगा. उनका कहना था कि पहले चन्नी का नाम प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए लगभग तय माना जा रहा था, लेकिन अंतिम समय में कांग्रेस नेतृत्व ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को ही पद पर बनाए रखने का फैसला किया. इसी निर्णय के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चाएं और तेज हो गई हैं.
Also Read
रणधावा की मुलाकात से बढ़ीं चर्चाएं
इसी बीच गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा की नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी. रंधावा भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ के साथ भी नजर आए. मुलाकात के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य पर खुलकर कुछ नहीं कहा, लेकिन पंजाब कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदरूनी हालात से जुड़े सवालों का जवाब चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग ही बेहतर तरीके से दे सकते हैं.
2027 चुनाव से पहले बढ़ी चुनौती
कांग्रेस नेतृत्व ने फरवरी 2027 में प्रस्तावित पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया है. माना जा रहा है कि इस निर्णय से पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता संतुष्ट नहीं हैं. चन्नी की बैठक में विधायक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, काला ढिल्लों, राणा गुरजीत सिंह, पूर्व उपमुख्यमंत्री ओ.पी. सोनी, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु, गुरकीरत सिंह कोटली, पूर्व सांसद मोहम्मद सादिक और दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए. इन नेताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया है कि पंजाब कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर उठे सवाल फिलहाल शांत होते नहीं दिख रहे हैं.