लखनऊ आम महोत्सव में छाया आधा किलो का आम, CM योगी ने हाथ में लेकर खिंचवाई तस्वीर
लखनऊ आम महोत्सव 2026 का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन किया.
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुरू हुए आम महोत्सव 2026 ने पहले ही दिन लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और अलग-अलग किस्मों के आम देखे. महोत्सव में 800 से अधिक किस्मों के आम और उनसे बने कई उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं.
आधा किलो का आम बना सबसे बड़ा आकर्षण
आम महोत्सव के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों और बागवानों से अलग-अलग किस्मों के आमों की जानकारी ली. इसी दौरान उनकी नजर करीब आधा किलो वजनी आम पर पड़ी, जिसे देखकर वह मुस्कुरा दिए. उन्होंने दोनों हाथों में आम लेकर तस्वीर भी खिंचवाई. कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी दो पेटी आम खरीदे. महोत्सव में मोदी मैंगो, योगीराज, नूरजहां, लालिमा, बनाना, याकूती और टॉमी एटकिंस जैसी कई खास किस्मों ने लोगों को आकर्षित किया. बड़ी संख्या में आए लोग इन अनोखे आमों को देखने और उनके बारे में जानकारी लेने में रुचि दिखाते रहे.
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800 से ज्यादा किस्मों ने बढ़ाई महोत्सव की रौनक
तीन दिन तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों से 800 से अधिक किस्मों के आम लाए गए हैं. दशहरी, लंगड़ा, चौसा, आम्रपाली, रटौल, अल्फांसो, अंबिका और लखनऊ सफेदा जैसी लोकप्रिय किस्में भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं. केवल ताजे आम ही नहीं, बल्कि आम से बने अचार, जूस, पल्प और कई दूसरे खाद्य उत्पाद भी लोगों के लिए उपलब्ध हैं. आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य किसानों को बेहतर बाजार देना और आम की नई किस्मों को लोगों तक पहुंचाना है, ताकि बागवानी को और बढ़ावा मिल सके.
योगी ने किसानों और निर्यात को लेकर कही बड़ी बात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम उत्पादकों को सम्मानित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का आम आज दुनिया के कई देशों तक पहुंच रहा है. उन्होंने बताया कि ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया और कुवैत सहित कई देशों में यूपी के आमों का निर्यात किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने एक खास किस्म को "काकोरी" ब्रांड नाम दिया है, जो देशभक्ति और समर्पण की भावना को दर्शाता है. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसानों को बेहतर सुविधाएं और बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है, जिससे उत्तर प्रदेश की पहचान आम उत्पादन के क्षेत्र में और मजबूत हो सके.