T20 World Cup 2026

Punjab Siropa Controversy: राहुल गांधी को गुरुद्वारे में सिरोपा पहनाए जाने से मचा बवाल, SGPC ने दिए जांच के आदेश, जानें वजह

राहुल गांधी को पंजाब के अमृतसर स्थित गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा साहिब में सिरोपा पहनाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है. SGPC ने कहा कि यह नियमों के खिलाफ है और गुरुद्वारा प्रबंधन के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं. यदि कोई दोषी पाया गया तो कार्रवाई होगी.

Social Media
Km Jaya

Punjab Siropa Controversy: कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक नए विवाद में घिर गए हैं. पंजाब के अमृतसर में गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा साहिब में उन्हें सिरोपा पहनाए जाने पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने नाराजगी जताई है और मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. यह घटना 15 सितंबर 2025 को उस समय हुई जब राहुल गांधी पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे थे.

राहुल गांधी ने सबसे पहले अमृतसर और गुरदासपुर जिलों के कई बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा किया और प्रभावित लोगों से मुलाकात की. इसके बाद वे रामदास क्षेत्र के गुरुद्वारा श्री समाधि बाबा बुड्ढा साहिब पहुंचे. यहां उन्होंने अरदास की और गुरुद्वारे के प्रबंधन की ओर से उन्हें सिरोपा पहनाकर सम्मानित किया गया. सिरोपा सिख परंपरा में धार्मिक और आध्यात्मिक सम्मान का प्रतीक है. आमतौर पर यह सम्मान धार्मिक हस्तियों, रागी जत्थों और महापुरुषों को ही दिया जाता है.

नियमों का उल्लंघन

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस सम्मान का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया. वीडियो सामने आते ही विवाद खड़ा हो गया. SGPC ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि उनके पूर्व निर्णय के अनुसार, किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को गुरुद्वारे के दरबार साहिब में सिरोपा प्रदान करना वर्जित है. SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि यह नियमों का उल्लंघन है और इस पर तुरंत कार्रवाई होगी.

प्रबंधन के खिलाफ जांच के आदेश 

SGPC ने गुरुद्वारा प्रबंधन के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. धामी ने कहा कि एक दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है. अगर किसी कर्मचारी या प्रबंधन समिति के सदस्य को दोषी पाया गया तो सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे. जांच के दौरान वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी शामिल किए जाएंगे.

पंजाब की राजनीति में हलचल 

इस विवाद ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है. जहां कांग्रेस समर्थक इसे राहुल गांधी के प्रति सम्मान का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं सिख संगठनों का मानना है कि धार्मिक परंपराओं को राजनीति से अलग रखना चाहिए. SGPC का रुख साफ है कि गुरुद्वारों की परंपराओं और मर्यादा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.