सीएम मान ने 355 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, अब तक 67,037 युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है पंजाब सरकार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे. इस दौरान उन्होंने रोजगार अभियान की उपलब्धियां गिनाईं और देशभर में पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताई.

@BhagwantMann
Sagar Bhardwaj

चंडीगढ़ में सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में पंजाब सरकार ने रोजगार के क्षेत्र में अपनी पहल को आगे बढ़ाते हुए 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए. यह नियुक्तियां विभिन्न सरकारी विभागों में की गई हैं. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने युवाओं को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं और रोजगार प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया. साथ ही उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक होने की घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया.

नियुक्ति पत्र पाकर युवाओं में उत्साह

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य सरकार के मिशन रोजगार अभियान के तहत चयनित 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे. कार्यक्रम में मौजूद युवाओं और उनके परिवारों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी. लंबे समय से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे कई युवाओं के लिए यह दिन खास बन गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि परिवारों के सपनों और भविष्य से जुड़ा विषय है. उन्होंने चयनित उम्मीदवारों से ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने की अपील की. कार्यक्रम के दौरान सरकार ने युवाओं को राज्य निर्माण में भागीदार बनने का संदेश भी दिया.

परीक्षा लीक पर केंद्र को घेरा

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने देशभर में सामने आई परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन जब प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले बाहर आ जाते हैं तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है. उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में देश में कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं विवादों में रही हैं. उनके अनुसार, ऐसी घटनाएं युवाओं के मनोबल को कमजोर करती हैं और भर्ती प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा भी प्रभावित होता है. उन्होंने इस समस्या को केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती बताया.

पंजाब मॉडल की पारदर्शिता पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने का प्रयास किया गया है. उन्होंने बताया कि 2022 के बाद आयोजित विभिन्न सरकारी भर्तियों में किसी भी परीक्षा के पेपरलीक होने की सूचना सामने नहीं आई. क्लर्क, डीएसपी, पटवारी, कानूनगो, डॉक्टर, नर्स, ड्रग इंस्पेक्टर और अन्य पदों के लिए भर्ती परीक्षाएं तय प्रक्रिया के अनुसार कराई गईं. उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को आधिकारिक माध्यमों से सूचना देकर नियुक्ति दी गई, जिससे पूरी प्रक्रिया पर विश्वास बना रहा.

युवाओं के भरोसे की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी फीस जमा करते हैं, दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचते हैं और कई तरह के खर्च उठाते हैं. ऐसे में जब किसी परीक्षा को रद्द करना पड़ता है या परिणाम रोक दिए जाते हैं, तो सबसे ज्यादा नुकसान मेहनती छात्रों को होता है. उन्होंने कहा कि युवाओं का भरोसा बनाए रखना किसी भी सरकार की जिम्मेदारी है. कार्यक्रम के अंत में उन्होंने नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे अपने कार्यों के माध्यम से जनता की सेवा करते हुए राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे.