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मधुमेह के मरीजों के लिए रामबाण 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना', 2300 से अधिक लोगों को मिली राहत

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक 2300 से अधिक डायबिटीज मरीजों को मुफ्त इलाज का लाभ मिल चुका है. योजना के तहत 6.5 करोड रुपये से अधिक की राशि उपचार पर खर्च की गई है.

ANI
Shanu Sharma

पंजाब सरकार की ओर से चलाई जा रही मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत राज्य में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को आर्थिक राहत देने का दावा किया जा रहा है. आम आदमी पार्टी पंजाब द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 2300 से अधिक डायबिटीज मरीजों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया है. 

सरकार के अनुसार इन मरीजों के उपचार पर अब तक करीब 6.5 करोड रुपये खर्च किए जा चुके हैं. सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि इलाज के खर्च के कारण किसी भी परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े.

डायबिटीज मरीजों को मिल रहा आर्थिक सहारा

डायबिटीज ऐसी बीमारी है, जिसमें लंबे समय तक नियमित जांच, दवाइयों और कई मामलों में विशेष उपचार की आवश्यकता होती है. ऐसे में इलाज का खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. सरकार के मुताबिक, मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को इलाज का खर्च वहन करने में मदद मिल रही है. साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अब तक 2300 से अधिक डायबिटीज मरीज इस योजना का लाभ उठा चुके हैं और उनके उपचार पर लगभग 6.5 करोड रुपये खर्च किए गए हैं.


10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज का प्रावधान

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज*की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है. सरकार का दावा है कि इस पहल का उद्देश्य गंभीर और महंगे उपचार को आम लोगों की पहुंच में लाना है, ताकि आर्थिक तंगी इलाज में बाधा न बने. राज्य सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी दिशा में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के जरिए लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. आम आदमी पार्टी पंजाब द्वारा साझा की गई पोस्ट में कहा गया है कि लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है. सरकार का मानना है कि समय पर इलाज मिलने से न केवल मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि परिवारों को बड़े आर्थिक संकट से भी बचाया जा सकता है.