चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की सेक्टर 53 आवास योजना फिर बंद होने की तैयारी, बोर्ड बैठक में होगा अंतिम फैसला
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की सेक्टर 53 आवास योजना को एक बार फिर बंद करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. बुधवार की बोर्ड बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जबकि इस योजना को हाल ही में दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी.
करीब दस सालों से लगातार बदलाव और अनिश्चितता का सामना कर रही चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की सेक्टर 53 सामान्य आवास योजना एक बार फिर बंद होने की कगार पर पहुंच गई है. बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.
दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल इस योजना को दोबारा मंजूरी मिलने के बाद इसे शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी. अब भूमि के बेहतर उपयोग और आर्थिक व्यवहार्यता को ध्यान में रखते हुए नई रणनीति पर विचार किया जा रहा है.
तीसरी बार बदलाव की तैयारी
सेक्टर 53 आवास योजना पहले भी दो बार रद्द हो चुकी है. हाल ही में यूटी प्रशासक की मंजूरी मिलने के बाद इसे फिर से शुरू करने की तैयारी की गई थी. अब बोर्ड के सामने इसे औपचारिक रूप से वापस लेने का प्रस्ताव रखा जाएगा. इस फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
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भूमि उपयोग पर नए विकल्पों पर विचार
प्रस्तावित योजना के तहत लगभग नौ एकड़ भूमि पर 372 फ्लैट बनाए जाने थे. अधिकारियों को बची हुई जमीन के बेहतर उपयोग की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए थे. इसमें भूमि को ग्रुप हाउसिंग साइट के रूप में विकसित करने, भवनों की ऊंचाई बढ़ाने और अन्य विकल्पों पर भी विचार किया गया.
आर्थिक व्यवहार्यता बनी प्रमुख वजह
बैठकों में इस बात पर जोर दिया गया कि परियोजना को आर्थिक रूप से अधिक व्यावहारिक बनाया जाए. विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एफएआर, घनत्व और भवन निर्माण से जुड़े विभिन्न विकल्पों का अध्ययन किया गया. इसी प्रक्रिया के बाद नया प्रस्ताव तैयार किया गया.
डिमांड सर्वे में मिला था शानदार प्रतिसाद
मार्च 2025 में कराए गए डिमांड सर्वे में योजना को लोगों का अच्छा समर्थन मिला था. 372 फ्लैटों के लिए 7,468 आवेदन प्राप्त हुए थे. इससे स्पष्ट हुआ कि शहर में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के आवासों की मांग अब भी मजबूत बनी हुई है और लोग नई आवास योजनाओं में रुचि दिखा रहे हैं.
लॉक इन अवधि पर भी होगी चर्चा
बोर्ड बैठक में सेक्टर 51ए की वर्ष 2016 की सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम से जुड़े 200 दो बेडरूम फ्लैटों की लॉक इन अवधि कम करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा. फिलहाल यह अवधि 10 वर्ष है, जिसे घटाकर 5 वर्ष करने का सुझाव रखा गया है. इस पर भी बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा.