कनाडा भेजने के नाम पर लाखों की ठगी, रकम वापस मांगने पर मिली जान से मारने की धमकी

कपूरथला में सैनिक स्कूल के अध्यापक से बेटे को कनाडा में सेटल कराने के नाम पर 27.69 लाख रुपये ठगने का आरोप है. पुलिस ने इमीग्रेशन कंपनी संचालक समेत चार लोगों पर केस दर्ज किया है.

Social Media
Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: कनाडा भेजने और वहां स्थायी रूप से बसाने का सपना दिखाकर लोगों से ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. कपूरथला में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां सैनिक स्कूल के अध्यापक ने अपने बेटे को कनाडा में सेटल कराने के लिए चंडीगढ़ की एक इमीग्रेशन कंपनी से संपर्क किया था. आरोप है कि कंपनी से जुड़े लोगों ने उनसे 27 लाख 69 हजार 515 रुपये ले लिए, लेकिन बेटे को कनाडा में सेटल नहीं कराया और रकम भी वापस नहीं की.

सैनिक स्कूल कपूरथला के अध्यापक मनोहरलाल चंदेल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके बेटे प्रज्वल चंदेल को कनाडा में पक्का करवाने के लिए उन्होंने सन कास्ट इमीग्रेशन सर्विस के संचालक अरविंदर सिंह और उसके साथियों से संपर्क किया था. शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने कनाडा में सेटल कराने का भरोसा देकर अलग-अलग समय पर कुल 27,69,515 रुपये हासिल किए. परिवार को उम्मीद थी कि प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी.

रकम लेने के बाद नहीं मिला समाधान

शिकायतकर्ता का आरोप है कि पैसे लेने के बाद काफी समय गुजर गया, लेकिन बेटे को कनाडा में सेटल कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई. इसके बाद मनोहरलाल चंदेल ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की. आरोप है कि पैसे लौटाने के बजाय उन्हें कथित तौर पर जान-माल के नुकसान की धमकियां दी गईं. इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत कर पूरे मामले की जांच और रकम वापस दिलाने की मांग की.


चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

मामले की जांच कर रहे एएसआई बलदेव सिंह के अनुसार शिकायत के आधार पर थाना सिटी कपूरथला पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया है. इनमें सन कास्ट इमीग्रेशन सर्विस के मालिक अरविंदर सिंह, गुरदीप सिंह, मोगा जिले के बाघा पुराना निवासी डेविड अरोड़ा और चंडीगढ़ निवासी बलजिंदर सिंह शामिल हैं. पुलिस अब आरोपों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है.

दस्तावेज और लेन-देन की जांच

पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि की जा रही है. इसके साथ ही इमीग्रेशन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और शिकायतकर्ता से लिए गए पैसों के लेन-देन की भी पड़ताल होगी. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि रकम किस प्रक्रिया और किस उद्देश्य के नाम पर ली गई थी.

विदेश भेजने के नाम पर ठगी से सावधान

विदेश भेजने और कनाडा में स्थायी रूप से बसाने के नाम पर ठगी की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं. ऐसे मामलों को देखते हुए लोगों के लिए जरूरी है कि किसी इमीग्रेशन एजेंट या कंपनी पर भरोसा करने से पहले उसका लाइसेंस और पंजीकरण जरूर जांचें. बिना सत्यापन के बड़ी रकम देना जोखिम भरा हो सकता है. किसी भी एजेंट के दावों और दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना भी जरूरी है.