Punjab Border Closed: पंजाब सीमा पर अटारी बॉर्डर समेत कई जगहों पर बीटिंग रिट्रीट पर लगा ब्रेक, भारत-पाक तनाव के बीच बड़ा एक्शन
Attari Hussainiwala and Sadqi Border Closed: बीएसएफ ने अटारी-वाघा, हुसैनीवाला और सदकी बॉर्डर पर आने-जाने वालों की आवाजाही रोकने के लिए सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी है, जिससे सुरक्षा बढ़ाई जा सके.
Attari Hussainiwala and Sadqi Border Closed: पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना द्वारा किए गए हमलों के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने पंजाब के तीन प्रमुख बॉर्डर – अटारी-वाघा (अमृतसर), हुसैनीवाला (फिरोजपुर) और सादकी (फाजिल्का) पर होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह को अगले आदेश तक रद्द कर दिया है.
बीएसएफ ने इन तीनों बॉर्डर की ओर जाने वाले रास्तों को पूरी तरह बैरिकेड कर दिया है. साथ ही, जो पर्यटक देशभर से इस समारोह को देखने पहुंचे थे, उन्हें गाड़ियों सहित वापस लौटा दिया गया. बीएसएफ कर्मियों ने जगह-जगह समारोह रद्द होने की सूचना वाले पोस्टर भी लगाए.
'सुरक्षा हालात की समीक्षा के बाद होगा अगला फैसला'
बीएसएफ प्रवक्ता ने बताया, 'बीटिंग रिट्रीट समारोह बुधवार को रद्द रहेगा. आगे इसे फिर से शुरू करने का निर्णय सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा.' हालांकि, हर शाम सूरज ढलने पर राष्ट्रीय ध्वज को उतारने की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी.
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ऑपरेशन सिंदूर का असर, सीमा पर हाई अलर्ट
इससे पहले बुधवार को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया. यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी.
पहले भी रुक चुका है समारोह
यह पहली बार नहीं है जब बीटिंग रिट्रीट समारोह रद्द हुआ हो. इससे पहले 2014 के वाघा आत्मघाती हमले और 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के बाद भी यह समारोह कुछ समय के लिए स्थगित किया गया था.
1959 से चली आ रही परंपरा
बीटिंग रिट्रीट एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन है जो 1959 से भारत-पाकिस्तान सीमा पर रोज़ाना आयोजित किया जाता रहा है. इसमें दोनों देशों के सैनिक ऊंची एड़ी की तालमेल से कदमताल करते हैं, और अंत में झंडा उतारने की प्रक्रिया और प्रतीकात्मक हैंडशेक होता है.