अमृतसर में जानवरों पर अत्याचार, बंद मकान में कैद मिले 3 कुत्ते और बंदर, हालत देख कांप गई रूह

अमृतसर के रामतीर्थ रोड पर पशुओं के साथ क्रूरता का एक दुखद मामला सामने आया है. यहां एक बंद मकान से तीन कुत्तों और एक बंदर को बेहद खराब हालत में बचाया गया. ये जानवर ब्रीडिंग के लिए रखे गए थे, लेकिन उनकी देखभाल बिल्कुल नहीं की गई थी.

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अमृतसर: अमृतसर के रामतीर्थ रोड पर पशुओं के साथ क्रूरता का एक दुखद मामला सामने आया है. यहां एक बंद मकान से तीन कुत्तों और एक बंदर को बेहद खराब हालत में बचाया गया. ये जानवर ब्रीडिंग के लिए रखे गए थे, लेकिन उनकी देखभाल बिल्कुल नहीं की गई थी.

अमृतसर में जानवरों पर अत्याचार

स्थानीय लोगों की शिकायत पर रेस्क्यू टीम और पुलिस मौके पर पहुंची. घर का मालिक पुलिस को देखकर अंदर से ताला लगाकर भाग गया. पुलिस ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया. वहां तीन कुत्ते और एक बंदर दयनीय स्थिति में मिले. गर्मी और गंदगी के कारण कई मासूम पिल्ले पहले ही दम तोड़ चुके थे.

बंद मकान में कैद मिले 3 कुत्ते और बंदर

रेस्क्यू टीम के अनुसार मां लैब्राडोर कुतिया की हालत सबसे ज्यादा खराब थी. उसके कान तक गल चुके थे और पूरे शरीर पर संक्रमण तथा बीमारी के निशान साफ दिख रहे थे. जानवरों को न पर्याप्त पानी मिला था और न ही सही खाना. बंद जगह में गर्मी और बदबू से उनकी हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही थी.


कार्रवाई के दौरान टीम ने तीनों कुत्तों को सुरक्षित बाहर निकाला. साथ ही एक बंदर को भी रेस्क्यू किया गया. बचाए गए कुत्तों को तुरंत पशु चिकित्सालय भेजा गया है. वहां डॉक्टर उनकी जांच करेंगे और जरूरी इलाज शुरू करेंगे. बंदर को वन विभाग के अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है.

पशु प्रेमी संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि जानवरों को सिर्फ पैसा कमाने के लिए रखना और उनकी देखभाल न करना पूरी तरह गलत है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. मालिक के खिलाफ पशु क्रूरता रोकथाम कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है.

रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने बताया कि समय पर पहुंचने से इन जानवरों की जान बच गई. अगर देर होती तो और नुकसान हो सकता था. अब सभी बचाए गए जानवरों की सेहत सुधरने तक उनकी निगरानी की जाएगी.