अमृतसर में नशे की बड़ी खेप का खुलासा, 9 गिरफ्तार; ड्रोन कनेक्शन की जांच
अमृतसर में पुलिस ने नशे और हथियारों की तस्करी करने वाले एक गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. कमिश्नरेट पुलिस ने मामले में नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया है.
अमृतसर: अमृतसर में पुलिस ने नशे और हथियारों की तस्करी करने वाले एक गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. कमिश्नरेट पुलिस ने मामले में नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया है. तलाशी के दौरान उनके कब्जे से आठ विदेशी पिस्तौल, साढ़े आठ किलो हेरोइन और 12.95 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई. पुलिस के मुताबिक, बरामद नकदी कथित तौर पर पिछले एक सप्ताह के दौरान नशे की बिक्री से जुटाई गई थी.
जांच में आरोपितों के संबंध विदेश में मौजूद कथित हैंडलरों से होने की बात सामने आई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह को निर्देश कहां से मिल रहे थे और नशे तथा हथियारों की खेप पंजाब तक किस रास्ते से पहुंचाई जा रही थी. मामले की जांच स्थानीय नेटवर्क से आगे बढ़ाकर विदेश में मौजूद संपर्कों तक की जा रही है.
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए खेप आने का शक
पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि बरामद हेरोइन और हथियार पाकिस्तान में बैठे तस्करों की ओर से ड्रोन के माध्यम से भारतीय क्षेत्र में पहुंचाए गए थे. आरोप है कि इसके बाद गिरोह के सदस्यों ने खेप को उठाया और उसे आगे पहुंचाने की तैयारी शुरू की.
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ड्रोन के जरिए सीमा पार से नशे और हथियारों की खेप पहुंचने की आशंका ने जांच को गंभीर बना दिया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खेप किस स्थान पर गिराई गई थी और उसे वहां से उठाने वाले लोग कौन थे.
8 विदेशी पिस्तौल और साढ़े आठ किलो हेरोइन
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आठ विदेशी पिस्तौल और करीब साढ़े आठ किलो हेरोइन बरामद की है. इसके अलावा 12.95 लाख रुपये की नकदी भी मिली है, जिसे पुलिस ने ड्रग मनी बताया है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह रकम कथित तौर पर पिछले एक सप्ताह में नशे की बिक्री से जुटाई गई थी.
बरामदगी के बाद पुलिस अब गिरोह की गतिविधियों का पूरा हिसाब जुटा रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आरोपित पहले कितनी मात्रा में नशा बेच चुके हैं और हथियारों की सप्लाई किन लोगों तक की गई.
विदेश में बैठे हैंडलरों तक पहुंचने की कोशिश
पूछताछ के दौरान पुलिस आरोपितों से उनके संपर्कों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि विदेश में बैठे कथित हैंडलर कौन हैं और गिरोह के सदस्यों को किस तरह निर्देश दिए जाते थे.
पुलिस के सामने यह भी अहम सवाल है कि सीमा पार से आने वाली खेप को पंजाब में कौन रिसीव करता था. इसके लिए स्थानीय संपर्कों और आरोपितों के बीच संभावित कड़ियों की जांच की जा रही है. नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.
कितनी सप्लाई हुई, इसका भी पता लगाएगी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपितों ने अब तक कितनी मात्रा में नशीले पदार्थों की सप्लाई की. साथ ही हथियारों को किन लोगों तक पहुंचाया गया, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर गिरोह की गतिविधियों का दायरा स्पष्ट होने की उम्मीद है.
जांच का दायरा केवल गिरफ्तार आरोपितों तक सीमित नहीं है. पुलिस उनके संपर्कों, संभावित सहयोगियों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में लगी है. पूछताछ में मिले सुराग आगे की कार्रवाई में महत्वपूर्ण हो सकते हैं.
पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे
गिरफ्तार किए गए नौ आरोपितों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है. पुलिस संबंधित थानों से उनके पुराने मामलों की जानकारी जुटा रही है. इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि आरोपित पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहे हैं या नहीं.
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जांच स्थानीय तस्करी नेटवर्क से लेकर विदेश में मौजूद कथित हैंडलरों तक पहुंच गई है. अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ और जांच से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.