T20 World Cup 2026

अमृतसर एयरपोर्ट DRI की बड़ी कार्रवाई, 35 लाख US डॉलर के साथ शख्स को धर-दबोचा; दुबई जा रहा था आरोपी

अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (SGRDJI) पर गुरुवार को डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक यात्री के पास से 41,400 अमेरिकी डॉलर (लगभग 35.40 लाख रुपये) की विदेशी मुद्रा जब्त की.

Pinterest
Princy Sharma

Punjab News: अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (SGRDJI) पर गुरुवार को डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक यात्री के पास से 41,400 अमेरिकी डॉलर (लगभग 35.40 लाख रुपये) की विदेशी मुद्रा जब्त की. आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और DRI अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं. 

DRI को पुख्ता जानकारी मिली थी कि एक शख्स एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX 191 से अमृतसर से दुबई जा रहा है और उसके पास अवैध विदेशी currency है. जानकारी के आधार पर टीम ने उसे फ्लाइट में सवार होने से पहले ही पकड़ लिया. जब उसकी जांच की गई तो चेक-इन बैग में रखे एक अन्य बैग के भीतर चालाकी से छुपाकर रखे गए 100-100 डॉलर के नोट बरामद हुए.

जांच में हुआ खुलासा

प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह विदेशी मुद्रा न तो घोषित की गई थी और न ही इसकी कोई वैध रसीद थी. इसके अलावा, यह रकम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार तय सीमा से कहीं ज्यादा थी. नियमों के अनुसार, कोई भी भारतीय नागरिक विदेश यात्रा के दौरान बिना RBI की अनुमति के 3,000 डॉलर से अधिक की विदेशी मुद्रा नहीं ले जा सकता.

कस्टम्स एक्ट 1962

इसलिए, जब्त की गई मुद्रा को कस्टम्स एक्ट 1962 की संबंधित धाराओं के तहत जब्त कर लिया गया है. शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी विदेशी मुद्रा की अवैध तस्करी में शामिल था और इससे आर्थिक लाभ कमा रहा था. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

2.66 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा जब्त

गौरतलब है कि मई महीने में DRI अमृतसर की यह दूसरी बड़ी जब्ती है. इससे पहले 3 मई को एक अन्य यात्री के पास से 2.66 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा पकड़ी गई थी. उस मामले में भी आरोपी को गिरफ्तार किया गया था और जांच अब भी जारी है. DRI की लगातार कार्रवाई से साफ है कि विदेशी मुद्रा की तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है और हवाई अड्डों पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह चौकस हैं.