पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है. पार्टी की सबसे महत्वपूर्ण पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में मुख्यमंत्री भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल चीमा को जगह मिली है. इस बदलाव को पंजाब की राजनीति और आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
आम आदमी पार्टी की 10 सदस्यीय पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी यानी PAC में अब मुख्यमंत्री भगवंत मान स्थायी सदस्य होंगे. इससे पहले वह मुख्यमंत्री के तौर पर इस कमेटी में विशेष आमंत्रित सदस्य की भूमिका में थे. अब उन्हें निर्णय लेने वाली इस शीर्ष संस्था में नियमित सदस्य बनाया गया है. पार्टी के इस फैसले से पंजाब सरकार की आवाज सीधे शीर्ष संगठनात्मक मंच तक पहुंचेगी.
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को भी PAC में शामिल किया गया है. इसके अलावा पंजाब मामलों के सह-प्रभारी और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को भी कमेटी में जगह दी गई है. चीमा के शामिल होने से पंजाब सरकार के एक और वरिष्ठ नेता को पार्टी के सबसे महत्वपूर्ण फैसले लेने वाले मंच पर भूमिका मिल गई है.
AAP ने 23 सदस्यीय नेशनल एग्जीक्यूटिव में भी बदलाव किया है. पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा, जगरांव की विधायक सरवजीत कौर मानुके और तलवंडी साबो की विधायक बलजिंदर कौर को इस कमेटी से हटा दिया गया है. उनकी जगह मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर घुम्मन और विभव कुमार को नेशनल एग्जीक्यूटिव में शामिल किया गया है.
शीर्ष समितियों में हुए इन बदलावों का असर आने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति पर दिखाई दे सकता है. भगवंत मान के PAC में स्थायी सदस्य बनने से उम्मीदवारों के चयन, चुनावी रणनीति और प्रचार से जुड़े फैसलों में उनकी भूमिका बढ़ने की संभावना है. साथ ही, पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और पंजाब सरकार के बीच बेहतर तालमेल की उम्मीद भी जताई जा रही है. मान अब पार्टी के प्रमुख मुद्दों पर शीर्ष स्तर पर सीधे अपनी राय रख सकेंगे.