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कौन हैं 12000 पोस्टमार्टम करने वाले और फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ दिनेश राव? जिनपर ट्विशा के परिवार ने दोबारा पोस्टमार्टम के लिए जताया भरोसा

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम के आदेश दिए हैं. यह पोस्टमार्टम फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ दिनेश राव की निगरानी में होगा.

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Km Jaya

भोपाल: भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत की जांच तेज हो गई है. अब शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम किया जाएगा. मृतक के पिता नव निधि शर्मा ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि यह दोबारा जांच देश के सबसे जाने-माने फोरेंसिक एक्सपर्ट्स में से एक डॉ. दिनेश राव की देखरेख में की जाए. 

जिसके वजह से कोर्ट के आदेश के बाद एक मेडिकल टीम बनाई गई है, जिसकी अगुवाई खुद डॉ. दिनेश राव करेंगे. परिवार ने कहा है कि उन्हें डॉ. दिनेश राव की विशेषज्ञता और निष्पक्षता पर पूरा भरोसा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की सिंगल-जज बेंच ने दूसरे पोस्टमॉर्टम के निर्देश दिए. 

कौन हैं डॉ. दिनेश राव?

डॉ. दिनेश राव को भारत और विदेश, दोनों जगहों पर फोरेंसिक मेडिसिन के क्षेत्र में एक अग्रणी विशेषज्ञ माना जाता है. वे वर्तमान में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं. उनकी विशेषज्ञता को अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, इटली, जर्मनी और जमैका सहित कई देशों में पहचान मिली है. अब तक, उन्होंने 12,000 से ज्यादा पोस्टमॉर्टम किए हैं और कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच में अहम भूमिका निभाई है.

जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने क्या कहा?

जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने कहा कि इस मौत के हर पहलू की निष्पक्ष जांच जरूरी है. यह मौत शादी के छह महीने के अंदर हुई थी ताकि किसी भी तरह के शक की गुंजाइश न रहे. कोर्ट ने साफ किया कि दूसरे पोस्टमॉर्टम का मकसद उन डॉक्टरों के काम पर सवाल उठाना नहीं है जिन्होंने पहली जांच की थी, बल्कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और जनता का भरोसा कायम रखना है.

ट्विशा के पिता ने क्या रखी मांग?

अपनी याचिका में ट्विशा के पिता ने यह भी अनुरोध किया था कि शव को सुरक्षित रखा जाए और दूसरे पोस्टमॉर्टम से पहले अंतिम संस्कार न किया जाए. इसके अलावा शव को माइनस 80 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर सुरक्षित रखने की भी अपील की गई थी. सुनवाई के दौरान ट्विशा के पति समर्थ सिंह की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ वकील जयदीप कौरव ने कहा कि उन्हें दूसरे पोस्टमॉर्टम से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन AIIMS भोपाल के डॉक्टरों की प्रतिष्ठा पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए.

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने क्या बताया?

केंद्र सरकार की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कोर्ट को बताया कि दूसरा पोस्टमॉर्टम किसी पर आरोप लगाने के मकसद से नहीं किया जा रहा है, बल्कि जांच में ज़्यादा पारदर्शिता लाने के लिए जरूरी है. इस बीच राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सरकार सभी जरूरी इंतजाम करेगी, जिसमें विशेषज्ञों की टीम को भोपाल लाना भी शामिल है.