फूलों से सजा धार भोजशाला परिसर, MP हाईकोर्ट के आदेश के बाद पहली बार हवन और पूजा; देखें वीडियो

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला परिसर में आज से पूजा-अर्चना शुरू की गई. इस दौरान पूरे परिसर को फूलों से सजाया गया, वहीं श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दिखी.

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Shanu Sharma

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच द्वारा विवादित भोजशाला-कमल मौला परिसर को शुक्रवार को मंदिर घोषित कर दिया गया. जिसके बाद आज से परिसर में पूजा-अर्चना शुरू हो गई है. सामने आर रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आज मंदिर में स्थापित माता की मूर्ति की पूजा की गई और पूरे परिसर को फूलों से सजाया गया.

मंदिर परिसर के आंगन में भगवा झंडा लहराया गया, जिसे सनातन धर्म के प्रतीक के रूप में देखा जाता है. कोर्ट द्वारा फैसला आने के बाद अब साल के हर दिन पूजा-अर्चना की जाएगी. हालांकि मुस्लिम पक्ष अभी भी इस फैसले से गुस्से में हैं, जिसकी वजह से सुरक्षा की पूरी तैयारी की गई है.

कोर्ट ने क्या कहा?

बता दें कि अदालत ने इस मामले पर शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए इस परिसर को राजा भोज का बताया. जिसमें पहले विद्यालय था और वाग्देवी की पूजा की जाती थी. ASI के वकील की ओर से फैसला आने के बाद कहा गया कि भोजशाला को एक संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित किया गया है, हालांकि यह दर्जा 1904 में ही दे दिया गया था. इसका मतलब यह है कि इस परिसर की देखरेख की पूरी जिम्मेदारी एएसआई पर ही रहेगी.

ASI ने अपने पिछले आदेश में मंगलवार को हिंदू पक्ष को पूजा और शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय को नमाज पढ़ने की इजाजत दी थी. इसके अलावा बाकी दिनों पर केवल एक पर्यटन स्थल के रूप में रहने देने का आदेश दिया था. अदालत ने अपने फैसले में ASI के इस पुराने आदेश में बदलाव करते हुए इस परिसर को पूरी तरह से मंदिर घोषित कर दिया. हालांकि हिंदू पक्ष के वकील की ओर से मांग की जा रही है कि मंदिर की मूर्ति अभी लंदन के एक म्यूजियम में रखी है, जिसे वापस लाया जाए.

सुप्रीम कोर्ट में जाने की तैयारी

हाई कोर्ट के इस फैसले पर मुस्लिम पक्ष में गुस्से का माहौल है. मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष ने इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात कही है. बता दें कि अध्यक्ष अब्दुल समद ही इस मामले पर कोर्ट में मुस्लिम पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी शुक्रवार को हाई कोर्ट के इस फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है हाई कोर्ट इस आदेश को पलट देगा. उन्होंने इस मामले को बाबरी मस्जिद से मिलता-जुलता बताया है.