घूमने निकले थे नैनीताल, लेकिन जाम ने बिगाड़ दिया पूरा ट्रिप; बीच रास्ते से लौटे कई पर्यटक

वीकेंड पर नैनीताल में पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण भवाली रोड पर 6 से 7 किलोमीटर लंबा जाम लग गया. कई पर्यटक दो घंटे तक जाम में फंसे रहे और मुश्किल से 2 किलोमीटर का सफर तय कर सके.

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Babli Rautela

नैनीताल: उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल में पर्यटन सीजन भले ही अंतिम दौर में हो, लेकिन वीकेंड पर पर्यटकों की भारी भीड़ ने एक बार फिर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की पोल खोल दी. शनिवार को नैनीताल भवाली मोटर मार्ग पर वाहनों का दबाव इतना बढ़ गया कि करीब 6 से 7 किलोमीटर लंबा जाम लग गया. दोपहर से शुरू हुआ यह जाम देर शाम तक बना रहा, जिससे हजारों पर्यटक, टैक्सी चालक और स्थानीय लोग घंटों तक सड़क पर फंसे रहे.

इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहले कैंची धाम में बाबा नीम करौली के दर्शन कर रहे हैं और उसके बाद नैनीताल का रुख कर रहे हैं. इसी कारण भवाली से नैनीताल जाने वाले मार्ग पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई. सीमित सड़क और लगातार बढ़ते ट्रैफिक के कारण कुछ ही देर में सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई.

दो घंटे में भी तय नहीं हो पाए दो किलोमीटर

गुरुग्राम से परिवार के साथ नैनीताल घूमने पहुंचे पर्यटक देवांग ने बताया कि वे कैंची धाम से दर्शन करके नैनीताल जा रहे थे, लेकिन जाम में फंसने के कारण उनका पूरा यात्रा कार्यक्रम बिगड़ गया. उन्होंने कहा कि दो घंटे तक जाम में फंसे रहने के बाद भी मुश्किल से दो किलोमीटर की दूरी तय हो सकी. लंबे इंतजार से बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई. मेरठ से आए पर्यटक पिंटू ने भी बताया कि लगातार रेंगते ट्रैफिक और बीच बीच में हो रही बारिश के कारण उनका परिवार काफी परेशान रहा. उन्होंने कहा कि जाम देखकर उन्होंने नैनीताल घूमने का कार्यक्रम ही रद्द कर वापस लौटने का फैसला कर लिया.


टैक्सी चालकों को भी उठानी पड़ी परेशानी

स्थानीय टैक्सी चालक शाहिद ने बताया कि पॉइंस क्षेत्र के श्मशान घाट से आगे तक वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई थी. वह करीब डेढ़ घंटे तक जाम में फंसे रहे, जिससे यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचाना संभव नहीं हो सका. उन्होंने कहा कि ट्रैफिक जाम का असर केवल पर्यटकों पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों, टैक्सी चालकों और जरूरी सेवाओं पर भी पड़ता है.

कोलकाता से आए पर्यटक मेहल ने बताया कि नैनीताल में इतना लंबा जाम उन्होंने पहली बार देखा. उन्होंने कहा कि गाड़ियों की लंबी कतार देखकर उन्होंने अपना वाहन बीच रास्ते में छोड़ दिया और पैदल ही शहर की ओर निकल पड़े. उनका कहना था कि लोग पहाड़ों की खूबसूरती और सुकून की तलाश में नैनीताल आते हैं, लेकिन घंटों तक जाम में फंसे रहने का अनुभव निराशाजनक साबित होता है.

प्रशासन के सामने फिर खड़ी हुई चुनौती

मानसून के दौरान नैनीताल का मौसम सुहावना होने से हर वीकेंड बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं. लेकिन सीमित सड़कें, पार्किंग की कमी और एक ही मार्ग पर बढ़ता ट्रैफिक हर बार जाम की बड़ी वजह बन जाता है. स्थानीय लोगों और पर्यटकों का मानना है कि वीकेंड और छुट्टियों के दौरान प्रशासन को पहले से बेहतर ट्रैफिक प्लान तैयार करना चाहिए. इससे न केवल पर्यटकों की यात्रा आसान होगी, बल्कि शहर की सकारात्मक छवि भी बनी रहेगी.