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अब मेट्रो में भी कर सकते हैं प्री वेडिंग शूट और बर्थडे सेलिब्रेशन, भोपाल-इंदौर मेट्रो के नए प्लान ने सबको चौंकाया

भोपाल और इंदौर मेट्रो ने कमाई बढ़ाने के लिए ‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ पहल शुरू की है. अब मेट्रो परिसर में प्री-वेडिंग शूट, बर्थडे पार्टी और फिल्म शूटिंग हो सकेगी. चलिए जानते हैं कितना करना होगा खर्च.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
अब मेट्रो में भी कर सकते हैं प्री वेडिंग शूट और बर्थडे सेलिब्रेशन, भोपाल-इंदौर मेट्रो के नए प्लान ने सबको चौंकाया
Courtesy: Pinterest

भोपाल: मध्य प्रदेश की भोपाल और इंदौर मेट्रो ने बढ़ते घाटे और घटती यात्री संख्या से निपटने के लिए कमाई का नया तरीका खोज लिया है. अब मेट्रो सिर्फ लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का साधन नहीं होगी, बल्कि यहां लोग खास मौके भी मना सकेंगे. मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने ‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ नाम से नई पहल शुरू की है.

इस नई योजना के तहत लोग मेट्रो परिसर में प्री-वेडिंग शूट, बर्थडे पार्टी, फिल्म शूटिंग और अन्य खास आयोजनों की बुकिंग करा सकेंगे. मेट्रो प्रशासन का मानना है कि इससे अतिरिक्त कमाई होगी और लगातार हो रहे नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी.

कितना करना होगा पेमेंट?

जानकारी के अनुसार मेट्रो परिसर में किसी भी आयोजन के लिए लोगों को प्रति घंटे के हिसाब से 5 हजार से 7 हजार रुपए तक खर्च करने होंगे. बुकिंग कराने के लिए लोगों को कम से कम 15 दिन पहले आवेदन करना होगा. मेट्रो प्रशासन ने साफ किया है कि सभी आयोजनों को तय समय सीमा और नियमों के तहत ही अनुमति दी जाएगी.

क्या-क्या हैं नियम?

मेट्रो परिसर में सुरक्षा को देखते हुए कई सख्त नियम भी बनाए गए हैं. यहां शराब, बीड़ी, सिगरेट और पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी. आयोजन में शामिल होने वाले सभी लोगों की स्टेशन पर एंट्री से पहले सुरक्षा जांच की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.

कब हुई थी भोपाल मेट्रो की शुरुआत?

20 दिसंबर 2025 को भोपाल मेट्रो की शुरुआत हुई थी. इसके अगले दिन यानी 21 दिसंबर से आम यात्रियों के लिए सेवा शुरू कर दी गई थी. शुरुआती दिनों में मेट्रो में यात्रियों की अच्छी संख्या देखने को मिली थी और लोगों में इसे लेकर काफी उत्साह था. हालांकि समय बीतने के साथ यात्रियों की संख्या में लगातार गिरावट आने लगी.

इंदौर मेट्रो में भी इसी तरह की स्थिति देखी जा रही है. ऐसे में मेट्रो प्रबंधन ने गैर किराया आय बढ़ाने के लिए यह नया मॉडल अपनाया है. अधिकारियों का कहना है कि देश के कई शहरों में पहले से इस तरह के प्रयोग किए जा चुके हैं और उन्हें अच्छा रिस्पॉन्स मिला है.

मेट्रो प्रशासन को उम्मीद है कि यह नई पहल युवाओं और परिवारों को आकर्षित करेगी. अगर लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है तो भविष्य में और भी नए आयोजन विकल्प शुरू किए जा सकते हैं.