मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में पलासिया थाना क्षेत्र के गीतानगर में खेल रहे दो मासूम बच्चों नैतिक और सम्राट जयदेव के अपहरण ने पूरे शहर को झकझोर दिया था. हालांकि इंदौर पुलिस ने इस मामले पर रैपिड एक्शन करते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित बचा लिया.
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी न केवल फिरौती मांग रहे थे, बल्कि एक सफल वारदात के बाद और अपराध करने की योजना बना रहे थे. पुलिस ने अपहरण करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है.
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि शाम के समय गीतानगर के तिरुपति गार्डन में खेल रहे दोनों बच्चे अचानक लापता हो गए. आरोपी युवतियों ने उन्हें बहलाने के लिए पक्षी दिखाने का लालच दिया. इसके बाद बच्चों को ई-रिक्शा में बिठाकर ले गए. अपहरण करने वाले लोगों ने फिर परिवारवालों से व्हाट्सएप पर 15 लाख रुपये की फिरौती मांग करते हुए धमकी दी.
उन्होंने मैसेज किया कि पैसे न दिए तो बच्चों की जान जा सकती है. इसके बाद परिवार ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत पलासिया पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूत्रों की मदद से जांच शुरू कर दी. जिसके बाद मात्र पांच घंटे के अंदर ही चारों आरोपियों को उनके फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया गया और दोनों बच्चों को सकुशल उनके परिजनों को सौंप दिया गया.
गिरफ्तार आरोपियों में विनीत प्रजापति, उसकी बहन राधिका प्रजापति, ललित सेन उर्फ लल्ली और उसकी पत्नी तनीषा उर्फ तन्नू सेन शामिल हैं. विनीत और राधिका भाई-बहन हैं, जबकि ललित और तनीषा पति-पत्नी हैं. राधिका और तनीषा एक ई-कॉमर्स कंपनी में काम करती थीं, जबकि ललित वाहन चालक है.
आरोपियों के पांच मोबाइल फोन खंगाले गए, जिसमें चौंकाने वाले सबूत मिले. पुलिस ने 25 से अधिक ऑटो रिकॉर्डेड कॉल सुनकर अपराध की पूरी साजिश उजागर की. जांच में पता चला की आरोपी के उपर काफी कर्ज था, जिससे निपटने के लिए उन्होंने इस पूरी घटना को अंजाम दिया. पुलिस द्वारा पूछताछ किए जान पर भी आरोपियों ने कर्ज और आर्थिक तंगी का जिक्र किया. पुलिस ने सभी आरोपियों को रिमांड पर रखा है.