पश्चिम बंगाल के भवानीपुर में शनिवार को राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी की रैलियां बेहद करीब आयोजित की गईं. दोनों सभाओं के बीच महज 100 मीटर की दूरी थी, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बन गई. शोर-शराबे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी सभा बीच में ही छोड़ दी. इसके बाद दोनों दलों के समर्थकों के बीच तीखी नारेबाजी हुई, जिसे काबू करने के लिए सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा.
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी जनसभा को संबोधित कर रही थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि पास में चल रही बीजेपी की रैली में लगे लाउडस्पीकरों से उनके कार्यक्रम में बाधा डाली जा रही है. शोर से नाराज होकर उन्होंने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया और लोगों से माफी मांगते हुए मंच से उतर गईं. उनके इस फैसले ने वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को भी नाराज कर दिया और माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया.
ममता बनर्जी के जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के समर्थक आक्रोशित हो गए. वे सीधे बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी की रैली की ओर बढ़ गए और विरोध जताने लगे. देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. पुलिस और सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभालने की कोशिश की और किसी बड़े टकराव को टाल दिया.
यहां देखें वीडियो
Chakraberia Road, Bhawanipur.
— Amit Malviya (@amitmalviya) April 25, 2026
Mamata Banerjee walked off the stage, citing noise from a BJP loudspeaker.
When leaders start losing composure, it often reflects deeper anxiety.
Is this the sound of an impending defeat? pic.twitter.com/QJuN7bKRtx
इस घटना के बाद बीजेपी नेताओं ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा. सुवेंदु अधिकारी, जो उस समय कार्यक्रम स्थल पर मौजूद नहीं थे, ने पूरे घटनाक्रम के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि बीजेपी तथाकथित 'गुंडा राज' का मुंहतोड़ जवाब देगी. वहीं बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी इस घटना का वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि ममता बनर्जी अपनी हार की आशंका से घबराई हुई हैं और इसी वजह से उनका व्यवहार ऐसा रहा.
भवानीपुर को ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां से वह 2011 से लगातार जीत दर्ज करती आई हैं. इस सीट सहित कुल 141 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होना है. इससे पहले 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है. चार मई को नतीजे घोषित होंगे. ऐसे में चुनाव से ठीक पहले इस तरह की घटनाएं राज्य के सियासी माहौल को और अधिक गरमा रही हैं और दोनों दलों के बीच टकराव तेज होता नजर आ रहा है.