सिद्धारमैया ही रहेंगे CM? बेटे यतींद्र के बयान से बढ़ी सियासी सरगर्मी; शिवकुमार ने कसा 'हाईकमान' वाला तंज

यतींद्र सिद्धारमैया का दावा है कि उनके पिता पूरे पांच साल मुख्यमंत्री रहेंगे. हाईकमान के कथित संकेतों के बाद डीके शिवकुमार ने तीखा तंज कसा है, जिससे कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन का विवाद फिर से गरमा गया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व की जंग एक बार फिर खुले तौर पर सामने आ गई है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने यह कहकर खलबली मचा दी है कि उनके पिता का कार्यकाल पूरे पांच साल तक पूरी तरह सुरक्षित है. यतींद्र का दावा है कि आलाकमान ने इस संबंध में स्पष्ट संकेत दे दिए हैं. इस बयान ने न केवल उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार खेमे की बेचैनी बढ़ा दी है, बल्कि राज्य की प्रशासनिक स्थिरता पर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

मैसूरु में पत्रकारों से चर्चा के दौरान एमएलसी यतींद्र सिद्धारमैया ने दृढ़ता से कहा कि कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की सभी अटकलें बेबुनियाद हैं. उन्होंने बताया कि हाईकमान ने भले ही खुले तौर पर कुछ न कहा हो, लेकिन उनके संकेतों से यह साफ है कि नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होगा. यतींद्र के अनुसार, पार्टी के भीतर अब यह मामला पूरी तरह सुलझ चुका है और कोई भी नेता वर्तमान मुख्यमंत्री को हटाने की मांग नहीं कर रहा है, जिससे सरकार स्थिर है.

शिवकुमार ने कसा तंज 

यतींद्र के दावों पर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेहद तल्ख और व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया दी है. मंगलुरु में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चूंकि यतींद्र ही हमारे असली हाईकमान हैं, इसलिए हमें उनकी बातों को बहुत सम्मान के साथ स्वीकार करना चाहिए. शिवकुमार का यह कटाक्ष साफ करता है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर केवल केंद्रीय नेतृत्व ही आधिकारिक तौर पर कुछ बोलने के लिए अधिकृत है, कोई अन्य नहीं.

सत्ता के बंटवारे का पुराना पेच 

नेतृत्व का यह विवाद उस समझौते से जुड़ा है, जिसकी चर्चा 2023 में सरकार गठन के वक्त हुई थी. राजनीतिक गलियारों में यह माना जाता था कि सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता की साझेदारी का एक गुप्त फॉर्मूला तय हुआ है. जैसे ही नवंबर 2025 में सरकार ने अपने ढाई साल पूरे किए, शिवकुमार के समर्थकों ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग तेज कर दी. इस खींचतान ने प्रशासन के कामकाज और पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

राहुल गांधी की भूमिका और आश्वासन 

इस सियासी घमासान में राहुल गांधी का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है. पिछले महीने डीके शिवकुमार के भाई ने दावा किया था कि राहुल गांधी ने उपमुख्यमंत्री को यह आश्वासन दिया है कि सही समय आने पर नेतृत्व परिवर्तन का निर्णय लिया जाएगा. शिवकुमार खेमे का मानना है कि आलाकमान अपने पुराने वादे पर कायम रहेगा. हालांकि, यतींद्र के ताजा बयान ने यह संकेत दिया है कि सिद्धारमैया खेमा किसी भी तरह के सत्ता हस्तांतरण को स्वीकार करने के मूड में नहीं है.